एएसआई दविंदर शर्मा को साढ़े तीन हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने मंगलवार को चार साल कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी पर 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। बीते शनिवार को आरोपी एएसआई को दोषी करार दिया गया था।
मामला 21 मई 2013 का है। सेक्टर-19 मार्केट के एक दुकानदार ने पुलिस को शिकायत दी कि अमनदीप नाम का एक व्यक्ति शाम साढ़े आठ बजे उसकी दुकान पर आया। उसने दुकान से कोल्डड्रिंक और पैटीज ली, बदले में व्यक्ति ने दुकानदार को पांच सौ रुपये का नोट दिया। दुकानदार के चेक करने पर पता चला कि नोट नकली है। दुकानदार ने मामले की सूचना सेक्टर-19 पुलिस को देते हुए पांच सौ का नोट सौंप दिया। पुलिस अमनदीप को थाने ले गई और नोट को लेकर उससे पूछताछ की। अगले दिन एएसआई ने अमनदीप को थाने बुलाया और कहा कि उसके द्वारा दिया नोट नकली पाया गया है। इसके लिए उसे दस साल जेल में रहना पड़ेगा। मामले को निपटाने के लिए उसने पांच हजार रुपये की मांग की। अमनदीप के मना करने पर एएसआई ने साढ़े तीन हजार में सौदा तय किया। अमनदीप रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने 29 मई 2013 को मामले की सूचना सीबीआई को दे दी। सीबीआई ने एएसआई दविंदर शर्मा को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था।