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आचार संहिता से पहले वार्डों में विकास कराना चाहते हैं पार्षद

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चंडीगढ़। महापौर के चुनाव का बिगुल बज चुका है। वहीं, अगले वर्ष नगर निगम के चुनाव होना है। अक्तूबर माह के बाद आचार संहिता लग जाएगी। उसके बाद पार्षद अपने वार्ड फंड से काम नहीं करा सकेंगे। ऐसे में अब पार्षद जल्द से जल्द अपने वार्ड फंड का उपयोग करना चाहते हैं, लेकिन वित्तीय संकट इस काम में उनके आड़े आ रहा है।
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कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष किसी भी पार्षद को वार्ड फंड आवंटित नहीं किया गया है। महापौर, वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर को मिलने वाला अतिरिक्त फंड भी नहीं दिया गया है। चंद्रवती शुक्ला, आशा जसवाल और कवरजीत सिंह ने अपने वार्ड फंड का उपयोग कर लिया है। वहीं पार्षदों के खाते में लाखों रुपये शेष हैं। ऐसे में पार्षद चाहेंगे कि आचार संहिता से पहले कम से कम उनके वार्ड फंड से कामों का टेंडर लगाने की प्रक्रिया ही शुरू हो जाए। नहीं तो यह फंड खत्म हो जाएगा। हालांकि निगम ने अभी 30 लाख तक के कार्य वार्ड फंड से कराने का आश्वासन दिया है।
किस पार्षद के खाते में कितने लाख रुपये
महेश इंदर सिंह के 19.96, राजबाला मलिक के 56.39, रविकांत शर्मा 20.90, सुनीता धवन 41.32, शीला देवी 14.95, फर्मिला 99.05, राजेश कालिया 46.16, अरुण सूद 50.37, गुरुबख्श रावत 8.05, हरदीप सिंह 1.78, सतीश कैंथ 105.57, हीरा नेगी 76.07, रविन्दर कौर 38.62, राजेश गुप्ता 25.97, देवेंदर सिंह बबला 37.69, दलीप शर्मा 43.97, शक्ति प्रकाश देवशाली 84.55, गुरप्रीत सिंह 47.52, देवेश मौदगिल 84.91, भरत कुमार 47.30, अनिल कुमार दुबे 36.92, जगतार सिंह 53.66, विनोद अग्रवाल 31.96 लाख रुपये बचे हैं।
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