बॉबी कंबोज छह वर्ष के लिए भाजपा से निलंबित
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चिट्ठी लिखना एक पार्षद को महंगा पड़ गया। पार्टी ने गाज गिराई और 6 साल के लिए उसकी छुट्टी कर दी गई। बीजेपी के एक पार्षद को विधानसभा चुनावों में हुई पार्टी की हार के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला को राज्य भाजपा प्रधान पद से हटाने की मांग करना मंहगा पड़ गया। मामले के संबंध में वीरवार को हुई बीजेपी की जिला कार्यकारिणी बैठक में पदाधिकारियों ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए पार्षद बॉबी कंबोज को पार्टी से छह साल के लिए निलंबित कर दिया।
हालांकि पार्षद का कहना है कि वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और वह अब भी अपने स्टैंड पर कायम हैं। उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई की कमजोरी के चलते विधानसभा चुनावों में हार हुई है। ऐसे में सूबे के प्रधान को बदलकर नई कार्यकारिणी गठित की जानी चाहिए। जहां तक पार्टी से निकालने की बात है तो उनका कहना है कि उनके पिता 1957 से आरएसएस और जनसंघ से जुड़े हैं और पांच बार चुनाव भी लड़ चुके हैं। साथ ही अपने इलाके में पार्टी की मजबूती के लिए लंबे समय से सक्रिय है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार को पार्षद बॉबी कंबोज ने पार्टी राष्ट्रीय प्रधान अमित शाह को एक पत्र लिखा था। साथ ही उन्होंने कहा था कि कई अन्य पार्षद भी उनके साथ है। उन्होंने पत्र में कहा था कि पार्टी की राज्य में हुई हार के लिए राज्य प्रधान जिम्मेदार है। ऐसे में उन्हें हटाकर खुशवंत राय गीगा या किसी अन्य को पार्टी प्रधान बनने की मांग की थी। मामला सामने आते हीं जिला इकाई में हड़कंप मच गया। इसके बाद वीरवार को पार्टी के सीनियर उप प्रधान हरजीत सिंह ग्रेवाल और जिला प्रधान सुशील राणा मोहाली पहुंचे। साथ ही पार्षदों से मीटिंग की।
मीटिंग में मौजूद पार्षदों का कहना था कि पत्र के संबंध में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया था और यह उनका निजी पक्ष था। इसके बाद पार्टी प्रधान सुशील राणा ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए बॉबी कंबोज को तत्काल प्रभाव से छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया।