कालोनी नंबर-4 में ढाई साल की बच्ची की रेप और हत्या के बाद हुए बवाल के दौरान पुलिस पार्टी पर पथराव करने के मामले में आरोपी भाजपा पार्षद सतीश कैंथ को जिला अदालत से अंतरिम राहत मिल गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 4 अप्रैल तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के बेल बांड भरने के साथ ही पुलिस इंवेस्टिगेशन ज्वाइन करने के आदेश दिए हैं।
पार्षद सतीश कैंथ व कई अन्य के खिलाफ इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने 11 अप्रैल 2015 को संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था। इससे पहले कैंथ की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने जवाब दायर किया। इसमें दड़वा चौकी इंचार्ज एसआई जयवीर सिंह ने उनकी जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि सतीश कुमार कैं थ एक प्रभावी व्यक्ति है और वह बेल जंप कर सकता है। ऐसे में उसकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर न की जाए। इस पर मंगलवार को बहस हुई। बहस के बाद अदालत ने उक्त फैसला सुनाया। मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी। उस दिन अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।
इसलिए दायर की अग्रिम जमानत याचिका
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में कैंथ के बतौर आरोपी पेश न होने पर पहले उन्हें समन भेजे गए। इसके बावजूद वह कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद कैंथ के खिलाफ वारंट जारी किए गए। इस पर भी कोर्ट में पेश न होने पर अदालत ने उनके पीओ (भगोड़े) होने की कार्यवाही शुरू की थी। इस पर कैंथ की ओर से इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी।
ये है मामला
अप्रैल 2015 में कालोनी नंबर-4 में ढाई साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या करने के मामले में काफी बवाल हुआ था। इस दौरान इस पुलिस पार्टी पर पथराव भी किया गया था। इस पर इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस थाने ने स्थानीय काउंसलर सतीश कैंथ समेत गुरुदेव यादव उर्फ गुरु, मनविंदर सिंह यादव, राजिंदर यादव, डॉ. विक्रम यादव, रंजीत यादव उर्फ लंबा, हरि नाथ यादव, मिनिस्टर यादव के खिलाफ हथियारों समेत दंगा करने, पुलिसकर्मी को उसके सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मकसद से चोट पहुंचाने, उन पर हमला करने, आपराधिक स्तर पर रास्ता रोकने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के दौरान कालोनी नंबर-4 निवासी स्वरूप यादव, गुरुदत्त मिश्रा, कुलदीप वर्मा उर्फ विक्की, मोहिंदर सिंह, संजय कु मार उर्फ हनुमान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद राजा उर्फ शेख हामिद व उदय राज उर्फ लाला को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया, जबकि राहुल को 16 अप्रैल को पकड़ा गया। 19 अप्रैल को रायपुर खुर्द के फिरोज अली उर्फ नवाब खान को गिरफ्तार किया गया।