पंजाब में खाद के बाद अब नरमे के बीज के सैंपल फेल पाए गए हैं। प्रदेश में मालवा बेल्ट में नरमे की खेती सर्वाधिक की जाती है। बड़ी बात यह है कि इसी क्षेत्र में नरमे की पैदावार को लेकर किसानों को जो बीज उपलब्ध कराए गए थे, उनकी गुणवत्ता जरूरी मानकों पर खरी नहीं उतरी है।
कृषि विभाग ने किसानों की शिकायत पर मानसा, फाजिल्का, बठिंडा और श्रीमुक्तसर साहिब में नरमे के बीज के 11 जगहों से सैंपल लिए थे। यह सभी बीज के सैंपल फेल पाए गए हैं। दरअसल 11 जगहों पर जिन किसानों को नरमे की पैदावार के लिए बीज दिए थे। उनकी गुणवत्ता खराब होने के कारण किसानों की खेती पर इसका असर देखने को मिल रहा है।
खाद के सैंपल हो चुके हैं फेल, सीएम स्तर पर कार्रवाई बाकी
बीते दिनों प्रदेश में 6 जिलों में खाद की घटिया सप्लाई होने के मामले में कृषि विभाग ने कार्रवाई की थी। खेतीबाड़ी मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मामले में दोनों कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए थे, जिन्होंने खराब खाद सप्लाई की थी। यह दोनों कंपनी मैसर्स कृष्णा फोसकैम और मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड थी। प्रदेश के 16 जिलों में डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) खाद के 40 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे थे। विभाग के मुताबिक इन 40 में से 24 सैंपल (60 प्रतिशत) फेल पाए गए थे। इस मामले में कृषि मंत्री ने सीएम भगवंत मान को पूरी रिपोर्ट दे दी है, अब सीएम स्तर पर कार्रवाई होनी बाकी है।
नेक्स्ट जेनरेशन बीजी नरमे की बीज की केंद्र से स्वीकृति मांगी
नरमे की फसल को कीटों, विशेषकर गुलाबी सूंडी और सफेद मक्खी के प्रहार से बचाने के लिए कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से नेक्स्ट जेनरेशन बीजी-3 नरमा बीजों के संबंध में अनुसंधान कार्य में तेजी लाने और उन्हें मंजूरी देने का अनुरोध किया है। कृषि मंत्री का कहना है कि बीजी-2 कपास के बीजों को उन्नत बीजों से बदलने की जरूरत है ताकि इस फसल को कीड़ों के हमलों के प्रति प्रतिरोधी बनाया जा सके।