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पंजाब में इस बार किसानों के लिए चांदी बनी कपास

Mon, 19 Sep 2016 08:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
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farmer - फोटो : facebook
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पिछले साल किसानों केलिए बर्बादी का सबब बनी कपास की फसल इस बार किसानों के लिए चांदी बन गई है। पिछले साल की तुलना में कपास का उत्पादन काफी ज्यादा होने की उम्मीद है।
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वहीं, कपास के रेट भी इस बार ज्यादा हैं। जानकारी के मुताबिक पिछले साल कपास की फसल पर सफेद मक्खी का हमला हुआ था, काफी फसल तबाह हो गई थी, जिस कारण इस बार बहुत से किसानों ने कपास से गुरेज किया। इस बार कपास का रकबा सिर्फ 2.56 लाख हेक्टेयर रह गया था, जोकि पिछले साल 3.39 लाख हेक्टेयर था।

पिछले साल सफेद मक्खी के प्रभाव के कारण कपास का उत्पादन भी प्रभावित रहा था। पिछले साल उत्पादन 3.93 लाख बेल्स था, पर रकबा कम होने के बावजूद इस बार उत्पादन 9.04 लाख बेल्स होने की उम्मीद है। प्रति हेक्टेयर उत्पादन भी इस बार तीन गुना बढ़ने के आसार हैं। पिछले साल प्रति हेक्टेयर उत्पादन 197 किलोग्राम था, जो इस बार बढ़कर 600 किलोग्राम होने की आस है।
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इस साल भी कपास पर सफेद मक्खी का हमला हुआ था। जिसकेबाद केंद्रीय टीम ने भी दौरा किया था, लेकिन खेतीबाड़ी विभाग ने पूरी चौकसी बरती। कीटनाशक स्प्रे से सफेद मक्खी का प्रभाव खत्म कर दिया गया। इसके साथ ही पूरी फसल पर लगातार नजर रखी गई। मौसम भी फसल के अनुकूल रहा, जिसके चलते प्रति हेक्टेयर उत्पादन तीन गुना हो गया।

पिछले साल सफेद मक्खी ने तबाह की थी फसल
पिछले साल कपास की फसल पर सफेद मक्खी का हमला हुआ था। बाद में स्प्रे किए गए कीटनाशक भी मिलावटी निकले थे, जिसके चलते तीस प्रतिशत से ज्यादा फसल तबाह हो गई थी। उसकेबाद पंजाब-हरियाणा के माहिरों की ज्वाइंट कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने इस साल कपास की फसल की पूरी मॉनिटरिंग की। साथ ही लगातार अपनी सिफारिशें दीं। खेतीबाड़ी विभाग ने फसल की निगरानी को पांच सौ स्काउट नियुक्त किए थे। --

कपास के बेतहाशा रेट बढ़े
कपास की अगेती फसल की मंडियों में आमद शुरू हो गई है। इस बार शुरुआती रेट 4400 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जोकि पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। सोमवार को बठिंडा और मानसा की मंडियों में यह बढ़कर 5840 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। माहिरों का मानना है कि पूरी फसल मंडियों में आने के बाद रेट बढ़ कर सात हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है। जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है।
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