अगर शॉपिंग करने का मन है और कुछ स्टायलिश चाहिए तो इस जगह पर आएं महिलाएं और लड़कियां। बहुत कुछ देखने को मिलेगा यहां। अब हैंडलूम साड़ी और ड्रेस मैटीरियल तैयार करने वाले बुनकर की पहचान खास बन चुकी है। कारण है सरकारी और गैर सरकारी संगठनों की पहल पर बुनकरों को सीधा एग्जीबिशन में बुलाकर मुनाफा कमाने का मौका मिलने लगा है।
यह कहना है बनारस के बुनकर आरिफ का। आरिफ चंडीगढ़ के किसान भवन में बुनकर एवं दस्तकार विकास समिति जयपुर की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में अपनी खास वैरायटी लेकर पहुंचे हैं। इस एग्जीबिशन में आरिफ जैसे ही 75 बुनकर आए हैं। इनके द्वारा तैयार प्योर, स्लब, मिक्स, खादी, मलमल, कैंब्रिज, चंदेरी, मस्टराइज्ड, चिकन जैसे कॉटन का ड्रेस मैटीरियल प्रदर्शनी में है। इस प्रदर्शनी के दौरान करीब हर वैरायटी के कॉटन के कपड़े हैं।
इसमें पंद्रह से बीस कॉटन की वैरायटी हैं। इसमें बीस से ज्यादा प्रिंटेड डिजाइन हैं। इनमें रनिंग फैब्रिक है और उसके साथ प्रिंटेड सूट्स की वैरायटी भी है। यहां मौजूद कॉटन की वैरायटी में ब्राइट, मल्टीकलर और मड्डी कलर के विकल्प हैं। फैब्रिक में इक्कत, कलमकारी, जयपुरी, पोचमपल्ली, सांगानेरी, दाबू, ब्लॉक, स्क्रीन प्रिंट, मशीन प्रिंट, पिगमेंट डिस्चार्ज प्रिंट भी हैं।
लौट आया प्रिंट्स का ट्रेंड
बुनकर राकेश ने कहा कि ट्रेंड की बात करें तो डिजाइन हर सीजन में बदलता रहता है। कभी प्रिंट्स का ट्रेंड आता है तो कभी प्लेन लाइट कलर टोन का। ये डिजाइन रिपीट भी होते रहते हैं। जैसे इस बार प्लेन की बजाए प्रिंट्स का ट्रेंड लौट आया है। एक ही फैब्रिक में तीन से चार रंग को प्रिंट के रूप में फ्यूज किया है। फिर उसमें हैंड ब्लॉकिंग और स्क्रीन प्रिंट कर रनिंग फैब्रिक को तैयार किया है। भागलपुर से सलीम मार्बल, बॉटीक, मधुबनी, हैंड ब्लॉक प्रिंट में सेमी स्टिच्ड सूट रनिंग फैब्रिक की वैरायटी लाए हैं।
उन्होंने कहा कि पहली बार यहां खादी कॉटन को बॉटीक प्रिंट में लाया गया है। इसमें पारंपरिक डिजाइंस तो हैं ही, इसके अलावा ऊंट, फ्लोरल, नीम पत्ती, राउंड प्रिंट भी हैं। राजस्थानी कादरी होम डेकोर की आइटम है। इस पर दोहरी ब्लॉक प्रिंटिंग की गई है। फिर उसके बाद कांथा वर्क किया गया है। इस कारण यह काफी मजबूत है। इसे बेड कवर के तौर पर बिछा सकते हैं। इसके साथ ही इसे ओढ़नी के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।