रोहतक में टीएसआई राजेश, सोनीपत में सोनू लेता था मंथली
दलालों ने पुलिस को बताया कि रोहतक जिले में वे आरटीए स्टाफ के टीएसआई राजेश को, सोनीपत जिले की मंथली ब्राह्म्णवास निवासी सोनू को और चरखी दादरी जिले की मंथली आरटीए सहायक सचिव मनीष मदान व क्लर्क अमित को देते थे।
आरटीए सहायक सचिव मनीष मदान को भी पकड़े जाने से पहले 17 मई को दस लाख रुपये मंथली के देकर आए थे। रोहतक के आरटीए कर्मचारी राजेश की जींद वाले के साथ सेटिंग थी। वे उसे भी पैसे देते थे। गिरफ्तार दलाल सुरेंद्र ने बताया कि भिवानी में पंकज मेहता और फतेहाबाद निवासी पम्मी अवैध वसूली करके अधिकारियों को रुपये देते थे।
इन दलालों के नाम बताए
पुलिस पूछताछ में सुरेंद्र उर्फ काला ने बताया कि विभिन्न जिलों में ओवरलोड वाहन चलाने वालों से वसूली दलालों के माध्यम से की जाती थी। इस खेल में सुरेंद्र और रविंद्र के अलावा मोनू बिश्नाई झुप्पा, अमित अहलावत, राजू इमलोटा, अशोक मलिक, गुणपाल दादरी, नारनौल निवासी मुकेश, रेवाड़ी निवासी सतेंद्र, सोनीपत निवासी जरनैल व संदीप, सोनू ब्राह्मणवास, महन निवासी नरेंद्र भी शामिल हैं।
सौ से अधिक दलाल थे सक्रिय : एडवोकेट संजीव तक्षक
चरखी दादरी जिले में ओवरलोडिंग मंथली मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करने वाले एडवोकेट संजीव तक्षक ने बताया कि इस खेल में सौ से अधिक दलाल सक्रिय थे। अभी कुछ के नाम ही सामने आए हैं, जबकि गिरफ्तारी दो की ही हुई है। बाकी दलाल अंडरग्राउंड हैं। पुलिस को उन्हें जल्द गिरफ्तार करना चाहिए।
दोनों दलालों से बरामद हुए थे साढ़े 13 लाख रुपये
रोहतक पुलिस ने दलाल सुरेंद्र और रविंद्र को सांपला के छोटूराम पार्क के बाहर से गिरफ्तार किया था। रविंद्र टस्कन गाड़ी में बैठा था। उसके पास से साढ़े 12 लाख रुपये मिले थे। सुरेंद्र राठी क्रेटा गाड़ी में बैठा था। उससे एक लाख रुपये मिले थे। रविंद्र से पुलिस ने तीन मोबाइल बरामद किए थे।