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निगम ही लेगा कूड़े का शुल्क, पानी बिल के साथ आएगा

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चंडीगढ़। घरों से कूड़ा उठाने का शुल्क शहरवासियों को नगर निगम को ही देना होगा। इसके लिए जनवरी से पानी के बिल के साथ यह शुल्क जोड़कर निगम भेजेगा। निगम आयुक्त केके यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि घर-घर से कूड़ा उठाने वाले किसी भी कर्मचारी को शुल्क नहीं देना है। लोग अपनी स्वेच्छा से उन्हें शुल्क देना चाहते हैं, तो उसमें कोई समस्या नहीं है।
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शहर में घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने आयुक्त से पूछा कि कर्मचारी लोगों से कह रहे हैं कि उन्हें शुल्क देना है। वहीं निगम कहता है कि वह पानी के बिल के साथ शुल्क भेजेगा। इस पर आयुक्त ने कहा कि विज्ञापन के माध्यम से लोगों को इस संबंध में स्पष्ट जानकारी दे दी गई है।
इस दौरान बबला ने कहा कि कई घरों में पहली, दूसरी मंजिल से कर्मचारी कूड़ा नहीं उठाते हैं। इस पर भाजपा पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली ने भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि गाड़ियां कम होने से यह समस्या आ रही है। पार्षद सुनीता धवन ने कहा कि एक क्षेत्र में कूड़ा लेने के बाद पांच दिन बाद अगला नंबर आ रहा है। यह भी समस्या है।
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एक गाड़ी को 700 घरों से कूड़ा उठाने के आदेश ज्यादा
आशा जसवाल ने कहा कि एक गाड़ी को 700 घर दिए गए हैं, जो काफी ज्यादा हैं। मनोनीत पार्षद चरणजीव सिंह ने कहा कि सेक्टरों में वाहनों की संख्या बढ़ाने के साथ जल्द कर्मचारियों के साथ एमओयू साइन किया जाए। शहर के शौचालयों की मरम्मत केलिए 17 करोड़ रुपये का बजट सुनिश्चित हो।
सचिन लोहटिया और राजेश कालिया में हुई बहस
कर्मचारियों के मुद्दे पर मनोनीत पार्षद ने कहा कि एक कमेटी बनाकर धरना देने वाले कर्मचारियों की बात को सुनना चाहिए। इस पर राजेश कालिया ने कहा कि 70 प्रतिशत कर्मचारी गाड़ियों पर चल रहे हैं। कुछ कर्मचारी राजनीति से प्रेरित होकर काम में बाधा डाल रहे हैं। उनके साथ मेयर व अधिकारियों ने बात भी कर ली है। जो बात मानने योग्य नहीं, सब उसी पर अड़े हैं। लोहटिया ने कहा कि वे अपने रोजगार के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। जो लोग काम करने को तैयार हैं, उनमें भी कई लोग कांग्रेसी हैं, इसलिए राजनीति न करके लोगों को रोजगार देने की ओर बढ़ना चाहिए। बहस बढ़ती देख मेयर ने कहा कि मैंने धरना देने वाले कर्मचारियों की मांगें सुनी हैं। खैर उनसे बात कर मामले को सुलझा लेंगे।
मुझे भी कुर्सी पर बैठने का मौका मिला : फर्मिला
साल की सदन की पहली बैठक में मेयर के बाद सीनियर डिप्टी मेयर महेश इंदर सिंह सिद्धू और उसके बाद डिप्टी मेयर फर्मिला देवी को भी बैठने का मौका मिला। इस पर फर्मिला देवी ने कहा कि धन्यवाद मेयर साइब, जो मुझे भी कुर्सी पर बैठने का मौका दिया। इस पर सदन में सभी लोग ठहाके मारकर हंसने लगे।
लोगों को बैग दे निगम, कूड़ा निस्तारण में होगा फायदा : देवशाली
पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली ने कहा कि लोगों को कूड़ा अलग-अलग करने केलिए दो बैग भी निगम की ओर से दिए जा सकते हैं। इससे एक ओर प्लास्टिक के उपयोग से बचा जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर गीले व सूखे कूड़ा निस्तारण में मदद मिलेगी। आयुक्त ने कहा कि बैग 50 पैसे के हिसाब से मिला तो लोगों पर 30 रुपये प्रति माह का भार पड़ेगा, जो ज्यादा नहीं है। इसे लेकर विचार किया जा सकता है।
नए कूड़े केपहाड़ के निस्तारण के लिए जेपी समूह से लेंगे फंड
डंपिंग ग्राउंड में कूड़े के नए पहाड़ को लेकर कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ ने सवाल उठाया। इस पर आयुक्त ने बताया कि 500 टन कूड़ा हटाने के लिए काम जारी है। दिसंबर तक कूड़ा हटकर निगम के पास 20 एकड़ खाली भूमि होगी। वहीं नए कूड़े का पहाड़ जेपी समूह की लापरवाही के कारण खड़ा हुआ है। हाईकोर्ट में चल रहे केस में निगम ने अपील की है कि इस कचरे के निस्तारण के लिए जेपी समूह ही भुगतान करे। इस पर कैंथ ने कहा कि हम लोगों को क्या जबाव दें। इस पर भाजपा पार्षद बोले, लोगों से कहिए- जेपी से गलती हुई, जिसके लिए हम माफी मांगते हैं, क्योंकि जेपी समूह को हम लेकर आए थे।
अधिकारी कहते हैं- हमारे पास सीमेंट केपैसे नहीं
विकास कार्यों केमुद्दे पर बबला ने कहा कि सीएनडी वेस्ट प्लांट से पेवर ब्लॉक नहीं मिलते, इसलिए महीनों से काम अधूरे हैं। पार्षद विनोद अग्रवाल ने कहा कि एक गड्ढा भरने के लिए अधिकारियों को कहा था, तो जवाब मिला कि सीमेंट के लिए पैसे नहीं है। इस पर आशा जसवाल ने भी सहमति जताई। आयुक्त ने कहा कि फंड की कोई कमी नहीं है। किसी अधिकारी ने ऐसा कहा है तो इसे दिखवा लिया जाएगा।
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