चंडीगढ़। नगर निगम ने हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नो वर्क, नो पे सिद्धांत लागू करने का आदेश दिया है। इसके साथ यदि कोई कर्मचारी अन्य कर्मियों को काम करने से रोकता है या बाधा उत्पन्न करता है तो उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
निगम की तरफ से बताया गया कि हाल ही में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर्स की तरफ से 30 और 31 दिसंबर 2024 को हड़ताल की गई थी, जिसमें न केवल कर्मचारियों ने काम करने से इन्कार किया बल्कि एमआरएफ केंद्रों के गेट भी बंद कर दिए, जिससे कचरा संग्रहण वाहन बाहर नहीं निकल सके। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों को भी काम करने से रोका गया। दोबारा ऐसा न हो, इसके लिए निगम ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कहा है कि जो कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे, उनकी हड़ताल की अवधि का वेतन काट लिया जाएगा। यदि हड़ताली कर्मचारी अन्य कर्मियों को काम करने से रोकते हैं, तो वेतन कटौती के साथ-साथ उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। हड़ताल के दौरान निगम की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर दोषी कर्मचारियों का एक महीने का वेतन काटा जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।