- धान सीजन के चलते बिजली निगम को बकाया बिल आने की उम्मीद
- मुख्यालय के आदेश के बाद जिलों में बनाई अलग-अलग टीमें
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली बिलों के डिफाल्टरों को लेकर बिजली निगम ने सख्त रवैया अपना लिया है। 31 अक्तूबर तक डिफाल्टरों ने बकाया बिलों का भुगतान नहीं किया तो उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे। वसूली अभियान को तेज करने के लिए मुख्यालय ने सभी जिलों में तैनात एसई को कड़े निर्देश जारी किए हैं। गौरतलब है कि बिजली निगमों का डिफाल्टरों पर 7400 करोड़ रुपये बकाया है।
वैसे तो बिल अदा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली निगम हर महीने कनेक्शन काटने का अभियान चलाता है। क्योंकि इस समय धान का सीजन है और किसान धान की बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में निगम को उम्मीद है कि उनका काफी समय से फंसा हुआ पैसा इस समय निकल सकता है। क्योंकि इस समय किसानों के पास फसल का पैसा आता है। वहीं, मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद फील्ड में तैनात अधिकारियों ने भी वसूली को लेकर अभियान तेज कर दिया है। सभी कार्यकारी अभिंयता, एसडीओ और जेई की अलग-अलग टीमें बनाकर तैयार की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक बकाया राशि की वसूली हो सके।
किस पर कितना बकाया
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम : 2365 करोड़
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम : 5096 करोड़
किस श्रेणी के उपभोक्ताओं पर कितना बकाया
श्रेणी डिफाल्टर बकाया (करोड़ों में)
घरेलू शहरी 4.62 लाख 752
घरेलू ग्रामीण 12 लाख 4307
कृषि 2.75 लाख 187
नॉन घरेलू 2.35 लाख 676
इंडस्टि्रयल 50 हजार 896
सरकारी विभाग 25 हजार 641
सामान्य तौर पर हर महीने कनेक्शन काटने का अभियान चलाया जाता है। अगर कोई उपभोक्ता एक बार बिल अदा नहीं करता है तो दूसरी बार में उसका एरियर जुड़कर आता है और तीसरी बार उसका कनेक्शन काट दिया जाता है। इसलिए उपभोक्ताओं को चाहिए कि परेशानी से बचने के लिए वह समय पर अपना बिल अदा करें और आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। क्योंकि बाद में कनेक्शन जोड़ने में समय लगता है। - पीके दास, चेयरमैन, बिजली निगम, हरियाणा