चंडीगढ़। नगर निगम वेंडरों को जल्द से जल्द अपने पुराने स्थान पर बैठाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए महापौर रविकांत शर्मा ने सात सदस्यीय एक कमेटी बना भी दी है। यह कमेटी अलग-अलग बाजारों की रिपोर्ट बनाकर महापौर को सौंपेगी। रिपोर्ट आधार पर इन वेंडरों को उनके पुराने स्थान पर बैठाने की प्रक्रिया पर काम किया जाएगा। हालांकि सेक्टर-17, 19 और 22 को इस रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जाएगा।
महापौर ने बताया कि पार्षद आशा जसवाल, अनिल दूबे, शक्ति प्रकाश देवशाली, दिलीप शर्मा, सुनीता धवन, रविंदर कौर गुजराल और जगतार जग्गा की एक कमेटी बनाई है। वेंडरों को उनके स्थान से हटाकर वेंडिंग जोन में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद कोरोना महामारी में उनका रोजगार पूरी तरह छिन गया। अब जरूरत के अनुसार, वेंडरों को स्थानांतरित करने का काम किया जा रहा है। उन्हें उनके पुराने के स्थान के पास बने वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने का प्रयास है। वर्ष 2019 में नगर निगम ने शहर में वेंडिग जोन साइट्स बनाकर बाजारों से वेंडरों को शिफ्ट किया था। इस काम के लिए निगम ने लाखों रुपये भी खर्च किए थे। महापौर ने बताया कि इस मामले को लेकर प्रशासन के मुख्य वास्तुकार कपिल सेतिया के साथ भी बैठक हो गई है।
बता दें कि इस साल नगर निगम का चुनाव भी है। भाजपा इस समय वोटरों को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। शहर में वेंडरों का अच्छा खास वोट है। भाजपा को इस वोटर के छिटकने का डर है।
सेक्टर-19 के सदर बाजार से 14 वेंडरों को हटाने के निर्देश
सेक्टर-19 के सदर बाजार में बैठे 14 वेंडरों को हटाने के निर्देश निगम आयुक्त केके यादव ने दे दिए हैं। अब सोमवार को अतिक्रमण हटाओ दस्ता पुलिस बल के साथ इन सभी वेंडरों को हटाएगा। सदर बाजार के इन वेंडरों ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी। वेंडरों के केस हारने के बाद अब नगर निगम ने इन्हें हटाने के निर्देश दे दिए हैं। इससे पहले भी निगम ने इन वेंडरों को हटाने का प्रयास किया गया था, लेकिन राजनीतिक दबाव और कोरोना के कारण वेंडरों को नहीं हटाया जा सका था।