चंडीगढ़। रायपुरकलां में निगम की ओर से बनाए जाने वाले एडवांस एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के लिए चार माह में निगम सिर्फ एक चहारदीवारी बना सका है। सेंटर का काम एक साल में पूरा होना है, लेकिन इस स्थिति से तो दो साल में काम पूरा होते नहीं दिख रहा है। वहीं, गर्मी का मौसम आने वाला है। इस दौरान कुत्तों के काटने की घटनाएं भी बढ़ेंगी। निगम के अधिकारी समस्या के प्रति बिल्कुल गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
एडवाइजर मनोज परिदा ने रायपुरकलां में अक्तूबर माह में एडवांस एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की नींव रखी थी। 10 एकड़ में बनने वाले सेंटर की लागत लगभग एक करोड़ रुपये है, जहां 300 कुत्तों का एक साथ स्टरलाइजेशन किया जा सकेगा। इसके लिए एक माह में टेंडर करना था और एक साल में निर्माण कार्य पूरा होना था, लेकिन अब तक वहां एक बाउंड्रीवॉल बनी है। हालांकि, सेक्टर 38 वेस्ट में निगम का डॉग स्टरलाइजेशन सेंटर है, लेकिन उसका भी फिलहाल टेंडर नहीं हुआ है। 6 मार्च को उसका टेंडर होना है।
लगातार बढ़ रही कुत्तों के काटने की घटनाएं
शहर में कुत्तों की संख्या में जितनी तेजी से इजाफा हो रहा है, उतनी ही तेजी से कुत्तों के काटने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। निगम इन घटनाओं पर रोक लगाने का दावा तो करता है, लेकिन कई बार हादसे इतने वीभत्स होते हैं कि लोगों का गुस्सा फूट जाता है। वहीं, गर्मियों में केस बढ़ने के बाद अस्पतालों में वैक्सीन भी नहीं मिलती। इससे लोगों को और समस्या होती है।
हमारे पास एंटी रैबीज इंजेक्शन का स्टॉक : डॉ. नागपाल
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि वैसे तो सभी डिस्पेंसरी में एंटी रैबीज वैक्सीन की व्यवस्था है। सेक्टर 19 और 38 की डिस्पेंसरी में प्रमुख रूप से इन वैक्सीन को रखा गया है। फिलहाल सभी लोगों को वैक्सीन लगाया जा रहा है। रही बात स्टॉक की तो अभी सभी डिस्पेंसरी में एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध है। आगे भी तैयारी रखेंगे ताकि तत्काल वैक्सीन उपलब्ध हो सके।
प्रशासन व निगम की सख्ती का नहीं कोई असर
प्रशासन ने गार्डन में कुत्तों के घुमाने और कुत्ते पालने वालों के खिलाफ कानून तो सख्त बना दिए, लेकिन उसका असर नहीं दिखता। लोग लगातार आवारा कुत्तों को रोटी व अन्य सामान डालते हैं, लेकिन उनकी जिम्मेदारी लेने से पीछे भागते हैं। वहीं, पार्कों में कुत्तों को घुमाने पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दिया गया है, लेकिन लोगों ने सवाल किया कि अब वह अपने पालतू कुत्तों को लेकर कहां जाएं। इसे लेकर कई बार विवाद हो चुके हैं। झगड़े इतने बढ़े कि पुलिस को जाकर मामला शांत कराना पड़ा।
कुत्तों के लिए पेट गार्डन बनाने की तैयारी
नगर निगम कुत्तों को घुमाने के लिए सेक्टर 43 में डॉग पार्क बनाने की योजना तैयार कर रहा है। इसमें 1.5 एकड़ में कुत्तों को घुमाने के लिए पार्क बनेगा। यहां कुत्तों के खाने व पहनने के सामान भी होंगे। इसके अलावा पास में ही लोगों को घूमने के लिए पार्क बनेगा। हालांकि, एक पार्क पूरे शहर के काफी नहीं है, इसलिए निगम आगे अन्य पार्कों के लिए भी विचार कर सकता है।
बीते साल हुआ था बड़ा आयोजन
बीते साल 28 सितंबर को प्रशासक के निर्देश पर नगर निगम ने एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया था। एंटी रैबीज डे पर आयोजित कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञ आए थे। विशेषज्ञों ने कुत्तों के काटने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कई सुझाव दिए थे, लेकिन आज तक किसी भी सुझाव पर कोई काम नहीं किया किया गया, जबकि आयोजन में लाखों रुपये खर्च हुए थे।
कोट
हम पूरी तरह से तैयार हैं। 6 मार्च को डॉग स्टरलाइजेशन सेंटर का टेंडर हो जाएगा। उसके बाद हर माह 150 डॉग्स का हर माह नसंबदी करने का लक्ष्य दिया जाएगा। शिकायत मिलने पर तत्काल टीम मौके पर पहुंचेगी।
-डॉ. एमएस कंबोज, हेल्थ विभाग, नगर निगम चंडीगढ़