चंडीगढ़। मेयर चुनाव को लेकर शहर में राजनीति चरम पर है। मंगलवार को भारी हंगामे के बाद नगर निगम की संयुक्त आयुक्त ने जसबीर सिंह बंटी को नामांकन वापसी की प्रक्रिया के लिए बुधवार को फिर बुलाया। पुलिस ने बुधवार को नगर निगम कार्यालय को चारों तरफ से सील कर दिया। सभी रास्ते बंद कर बैरिकेडिंग कर दी गई है। कांग्रेस ने इसे भाजपा का बिछाया जाल बताया और बंटी नामांकन के लिए नहीं पहुंचे।
कांग्रेस के मेयर पद के उम्मीदवार जसबीर बंटी के नामांकन वापसी को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है। मंगलवार को भारी हंगामा हुआ। भाजपा ने आरोप लगाया कि नामांकन वापस नहीं हुआ है। ऐसे में तथ्यों के सत्यापन के लिए बंटी को बुधवार को दोबारा बुलाया गया। जसबीर सिंह बंटी को लिखे पत्र में संयुक्त आयुक्त ने कहा है कि बंटी ने 15 जनवरी को नामांकन वापस लेने के लिए नगर निगम के सचिव गुरिंदर सिंह सोढ़ी के स्टाफ को आवेदन किया है। इसके बाद डीसी ने उन्हें अब नामांकन लेने और वापस करने की प्रक्रिया की जिम्मेदारी दी है, इसलिए नामांकन वापसी के तथ्यों के सत्यापन के लिए वह सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय के पहले फ्लोर पर सुबह 11 बजे पहुंचें। यह पत्र जसबीर बंटी के घर भेजा गया और उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से भी जानकारी दी गई। पत्र जारी होने के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई और सुबह आठ बजे से ही नगर निगम के कार्यालय के बाहर भारी बल तैनात कर दिया गया। नगर निगम की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया। गहन पूछताछ के बाद ही वाहनों को जाने दिया जा रहा था। मंगलवार के हंगामे से सीख लेते हुए बुधवार सुबह किसी को भी नगर निगम के आसपास जाने नहीं दिया गया। पुलिस 12 बजे तक इंतजार करती रही लेकिन न कोई कांग्रेस का पार्षद पहुंचा और न ही जसबीर बंटी पहुंचे।
वीरवार को ही पहुंचेंगे नगर निगमः लक्की
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि उन्हें बुधवार को फिर नामांकन वापसी की प्रक्रिया के लिए नगर निगम बुलाया गया था, लेकिन जब नगर निगम के अधिकारी कांग्रेस के उम्मीदवार का नामांकन वापस लेना ही नहीं चाहते तो फिर नामांकन वापसी के लिए उनके पास जाने का कोई फायदा नहीं। लक्की ने कहा कि यह भाजपा का बिछाया जाल है, इसलिए वह बुधवार को नगर निगम नहीं गए। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भाजपा ने जसबीर बंटी को किडनैप करने की कोशिश की। अगर वह जाते तो बुधवार को भी ऐसा हो सकता था इसलिए अब वह वीरवार को ही नगर निगम पहुंचेंगे।