कोरोना वायरस के प्रति केंद्र व राज्य सरकारें गंभीरता से लोगों को जागरूक कर रही हैं। लेकिन पंजाब के शिक्षा विभाग की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल शिक्षा विभाग के सोशल मीडिया विंग की ओर से मुंह में अंगुली डाले बच्चे की तस्वीर वाले विज्ञापन ने शिक्षा विभाग की कारगुजारी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस विज्ञापन में एक बच्ची मुंह में अंगुली डाले हुए है और शिक्षा विभाग ने तस्वीर पर एवायड कम्यूनिटी स्प्रेड और स्टे होम, स्टे हेल्दी आदि स्लोग्न लिखे हुए हैं।
आंख, नाक से हाथ न लगाएं
दूसरी तरफ विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि संकट की इस घड़ी में मुंह, आंख, नाक आदि को टच न करें। शिक्षा विभाग की सोशल मीडिया टीम इन संदेशों को राज्य भर के स्कूल प्रिंसिपल तथा हेड मास्टरों को भेज रही है। इसके साथ इन संदेशों को विद्यार्थियों के ग्रुपों में भेजने के आदेश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग की उक्त गलती से समाज में गलत संदेश जा रहा है।
गंभीरता से निभाएं जिम्मेदारी
इस पर एतराज जताते पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने कहा कि इस समय सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी गलती से बचने के लिए गहन समीक्षा की जानी चाहिए। शिक्षा विभाग की सोशल मीडिया विंग अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करे।
गलती को ठीक करवाया जाएगा
शिक्षा विभाग के डीपीआई (एलीमेंटरी) इंदरजीत सिंह ने कहा कि जांच के बाद तुरंत गलती को ठीक करवाया जाएगा। शिक्षा विभाग गंभीरता से कोरोना वायरस के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है।