पंजाब में 46 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है। इनमें 19 नवांशहर जिले, 10 मोहाली, 6 होशियारपुर, 5 जालंधर, 3 लुधियाना, एक पटियाला और दो व्यक्ति अमृतसर जिले से हैं। पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में पूर्व हजूरी रागी पद्मश्री निर्मल सिंह शामिल हैं, जिनकी मौत दो अप्रैल को हुई। नवांशहर जिले के 70 वर्षीय बुजुर्ग पाठी की 18 मार्च को मौत हो गई थी।
29 मार्च की रात में अमृतसर के श्री गुरु नानक देव जी मेडिकल कॉलेज में दाखिल होशियारपुर जिले के गांव मोरांवाली के एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। 30 को पटियाला में भर्ती लुधियाना के अमरपुरा की 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इसके बाद 31 को मोहाली के नया गांव निवासी 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वह पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन था।
निर्मल सिंह के परिवार के पांच लोग आइसोलेट
अमृतसर के श्री गुरु रामदास मेडिकल अस्पताल में दाखिल निर्मल सिंह के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सेहत विभाग जालंधर ने लोहियां स्थित उनके परिवार के पांच सदस्यों को आइसोलेट कर दिया है। उनको जालंधर सिविल अस्पताल लाया गया है, जहां कोरोना मरीजों का मुख्य सेंटर बनाया गया है। सेहत विभाग के मुताबिक, लोहियां के उस इलाके को भी सील किया गया है, जहां पर यह परिवार रहता है। इसके अलावा इनके ब्लड सैंपल अमृतसर भेजे जाएंगे। सेहत विभाग के मुताबिक, निर्मल सिंह की बेटी दो दिन पहले ही अपने पिता से अमृतसर मिलकर आई थी।
सिविल सर्जन डॉ. राजिंदर कुमार ने बुधवार को कहा केंद्र व राज्य सरकार की हिदायत पर जिला फरीदकोट में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए डिप्टी कमिशनर कुमार सौरभ राज की निगरानी में सेहत विभाग 24 घंटे ड्यूटी कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में चार रैपिड रिस्पांस टीमें लगातार लोगों के संपर्क में है और जरूरत अनुसार मरीजों को सेहत सुविधाएं दी जा रही हैं।
इसके अलावा 22 कम्युनिटी हेल्थ अफसर भी सेवाएं प्रदान कर रहे है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में कोरोना के 25 संदिग्ध केस सामने आ चुके है जिनमें से 24 निगेटिव मिले है। एक की रिपोर्ट आना बाकी है। डॉ. विक्रमजीत सिंह ने बताया कि जिले भर में कोरोना मरीजों के लिए 250 बेड आरक्षित रखे गए है। इसके अलावा विदेश से आए और उनके संपर्क वाले लोगों को घरों में रखने की हिदायतें है और पुलिस उनपर नजर रख रही है।
सिविल सर्जन सुरेंदर सिंह ने बताया कि फाजिल्का व जलालाबाद के 10 कोरोना संदिग्धों का सैंपल लेकर टेस्ट को पटियाला भेजा है। कोरोना संदिग्ध महिला शशिकांत को फरीदकोट के श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बाकी के मरीजों को फाजिल्का व जलालाबाद के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
जलालाबाद के लोगों का कहना है कि मंगलवार को कोरोना संदिग्ध महिला शशिकांत को सेहत विभाग घर से ले गई। उक्त महिला सिरसा में कोरोना पॉजिटिव महिला के साथ थी। महिला शशिकांत के पारिवारिक सदस्यों का भी सैंपल टेस्ट के लिए भेजा गया है। फाजिल्का व जलालाबाद से दस संदिग्ध मरीजों की जानकारी मिलने पर लोग घबराए हुए हैं।
शशिकांत 19 मार्च को सिरसा में अपने बेटे विपन कुमार के पास गई थी। इस दौरान 20 मार्च को विपन कुमार की सालेहार वर्षा रानी पत्नी अमित कुमार कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। महिला शशिकांत अपने बेटे व उसके परिवार के साथ रही और 26 मार्च को राज्य में लॉकडाउन व कर्फ्यू लग गया। कर्फ्यू के बीच किसी तरह सिरसा से शशिकांत जलालाबाद पहुंच गई। इस दौरान उसने बाहर से आने की जानकारी सिविल प्रशासन को नहीं दी थी। 31 मार्च को सिरसा से ही धार्मिक संस्था ने उक्त महिला के कोरोना वायरस पॉजिटिव महिला के साथ संपर्क में रहने की जानकारी दी।
कोरोना पॉजिटिव युवक के सभी छह परिजनों की रिपोर्ट निगेटिव
पटियाला के देसी मेहमानदारी इलाके के रहने वाले दुबई से लौटे कोरोना पॉजिटिव 31 साल के गुरप्रीत सपरा के सभी छह परिजनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा ने बताया कि सभी छह लोगों को क्वारंटीन करके विभाग द्वारा नजर रखी जाएगी। राजिंदरा अस्पताल की लैब में बुधवार को 10 सैंपल कोरोना जांच को भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव रही है। सेहत विभाग की टीमों की ओर से देसी मेहमानदारी एरिया में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है।
जिले के भेजे गए कोरोना के तमाम सैंपल निगेटिव आए हैं। राहत की बात है कि पिछले तीन दिन से किसी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। सेहत विभाग की ओर से भेजे गए सभी सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो गई है। अभी तक जालंधर सिविल अस्पताल से 117 कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए थे। उन सभी की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें से 113 रोगियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि 4 रोगियों की रिपोर्ट पहले ही पॉजिटिव आ चुकी है। सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इलाजरत हैं। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
पिछले कई दिन से सिविल अस्पताल में उपचाराधीन सभी संदिग्ध मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. टीपी सिंह के मुताबिक उन्हें अगले 14 दिन घर में ही क्वारंटीन रहने की हिदायत दी गई है। उनके हाथ पर क्वारंटीन की मुहर लगाकर घर भेजा गया है। जो चार मरीज कोरोना पॉजिटिव है। वह बलदेव सिंह के रिश्तेदार हैं। कोरोना का ग्रास बनने वाले बलदेव सिंह के सारे संपर्क को सेहत विभाग ने चेक कर लिया है और सिर्फ चार मरीज ही पॉजिटिव रह गए हैं। इसलिए सेहत विभाग ने कुछ राहत महसूस की है।