लोगों के मन में कोरोना वायरस की ऐसी दहशत है कि वे सही और गलत में फर्क करना भी भूल गए हैं। नतीजा जो डॉक्टर और स्टाफ नर्स कोविड-19 से जंग लड़ने में समाज के लिए देवदूत की तरह अहम भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें उनकी ही सोसाइटियों, कस्बों और शहर के निवास स्थान के आसपास के लोग परेशान कर रहे हैं। उनके साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है।
जो बर्ताव ज्ञान सागर अस्पताल बनूड़ के स्टाफ के साथ आसपास के लोग कर रहे थे। ठीक वैसा ही वाक्या पंचकूला सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स नीलम कुंद्रा के साथ हुआ है। दरअसल, नीलम जीरकपुर स्थित पीरमुछल्ला के चिनार अपार्टमेंट्स में रहती हैं, उनका आरोप है कि उनकी सोसाइटी के प्रधान और कुछ सदस्य उनके पति से कहने लगे हैं कि आपकी पत्नी पंचकूला सिविल अस्पताल में काम करती हैं, वहां कोरोना संक्रमित मरीज काफी आ रहे हैं, अगर पंचकूला में उनके रहने की व्यवस्था है, तो वे सोसाइटी में न आएं, जब तक कोरोना के मामले थम न जाएं। क्योंकि अगर उन्हें कोरोना हुआ तो पूरी सोसाइटी के लोगों के बीच कोरोना का संक्रमण फैल सकता है।
मेडिकल स्टाफ का मनोबल बढ़ाएं, ताकत बने कमजोरी नहीं
नीलम ने कहा कि मेरे पति को चार लोगों को बुलाकर ये कहने की क्या जरूरत थी, कि आप सोसाइटी के लोगों से न मिलो। अगर मुझसे परेशानी है, तो सीधा मुझसे कहते। इस तरह के भेदभाव से उनका पूरा परिवार परेशान है। इसका बच्चों पर काफी असर पड़ा है। हम स्टाफ नर्स और डॉक्टर देश के लिए काम कर रहे हैं। हमारे साथ अगर हमारी ही सोसाइटी के लोग ऐसा करेंगे तो कैसे चलेगा। ऐसे में तो लोगों को मेडिकल स्टाफ की ताकत बननी चाहिए न की कमजोरी।
नर्स का परिवार परेशान का
स्टाफ नर्स नीलम में बताया कि ड्यूटी से लौटकर जैसे ही अपने अपार्टमेंट में पहुंचती हैं, सोसाइटी के कुछ लोग उन्हें ऐसे देखते हैं, जैसे खुद वो कोरोना पीड़ित हों। उन्होंने बताया कि उनके पूरे परिवार को कहा गया है कि वे सोसाइटी के लोगों से न मिलें और अपने फ्लैट के अंदर ही रहें, बाहर न आएं। इतना ही नहीं नीलम का यह भी आरोप है कि सोसाइटी के लोगों को प्रधान की ओर से निर्देश दिया गया है कि जब तक कोरोना संक्रमण का मामला थम नहीं जाता, तब तक इस परिवार से नहीं मिलना है।
क्या कहते हैं, सोसाइटी के प्रधान
सोसाइटी के प्रधान राजिंदर अनेजा ने बताया कि एहतियात के तौर पर उनके पति से कहा था कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। ड्यूटी से आने के बाद घर में ही रहें। लोगों से कम मिलें। क्योंकि यहां 600से ज्यादा लोग यहां रहते हैं। इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है।