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पाकिस्तान में फंसे 300 भारतीय, एक बेटे की गुहार- पिता की तबीयत ठीक नहीं, वापस ले आएं उन्हें

Tue, 26 May 2020 09:23 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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कमलजीत सिंह - फोटो : एएनआई
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लॉकडाउन के चलते 300 से ज्यादा भारतीय पाकिस्तान में फंसे हुए हैं। उनके परिजनों ने सरकार ने गुहार लगाई है कि उनकी वतन वापसी के लिए प्रबंध किए जाएं। अमृतसर निवासी कमलजीत सिंह ने बताया कि उनकी मां और पिता सतबीर सिंह व तीन अन्य लोग गत 10 मार्च को पाकिस्तान के विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन करने के लिए गए थे। उसके बाद लॉकडाउन लग गया और वे लाहौर में फंस गए।
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मेरी सरकार से अपील है कि उन्हें जल्द से जल्दी वापस लाया जाए। कमलजीत ने बताया कि पाकिस्तान में फंसे उनके पिता ने जानकारी दी है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। जो दवाइयां डॉक्टर ने उन्हें खाने को दी हुई हैं, वे भी खत्म हो गई हैं। वहां पाकिस्तान में वे दवाइयां मिल नहीं रही हैं। मेरी प्रार्थना है कि उनकी वतन वापसी कराई जाए, ताकि मैं उनका इलाज करा सकूं।
 
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पंजाब के कई और लोग भी फंसे हैं पाकिस्तान में

पाकिस्तान से भेजे एक वीडियो संदेश में संतोख सिंह निवासी संगरूर ने बताया है कि वह दो महीने से तालाबंदी के कारण पाकिस्तान में फंसे हैं। संतोख सिंह ने बताया कि वह 20 मार्च से पाकिस्तान में हैं। लाहौर में अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए है।

लुधियाना निवासी जोगिंदर सिंह व उनकी पत्नी सुरजीत कौर भी पाकिस्तान के शेखुपुरा के एक डेरे में शरण लिए हुए हैं। वह तीस दिन के वीजा पर आये थे। अब उनके पास न तो पैसे हैं, जो दवा लेकर वह पाकिस्तान आए थे, वह भी खत्म हो चुकी है। बॉर्डर बंद होने के कारण वह अपने देश नहीं आ पा रहे हैं।

उन्होंने इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास को भी इस बारे जानकारी दी थी। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। भारत सरकार बॉर्डर खोले, ताकि वह अपने परिवार से मिल सकें। उनकी मां की उम्र 95 वर्ष की है। वह मां से मिलना चाहते हैं।

जोगिंदर सिंह ने संदेश में कहा कि वह 11 मार्च को पाकिस्तान आए थे। उनकी पत्नी सुरजीत कौर वह शुगर की मरीज हैं। उनके पास दवा के लिए पैसे नहीं है। सरकार उनको अपने देश में पहुंचाने का प्रबंध करे।
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