मंदिर में पूजा पाठ करते पुजारी
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राम नवमी के साथ वीरवार को चैत्र नवरात्रि का समापन ही गया, लेकिन कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते उत्सव फीका ही रहा। न ही पूजन के लिए कन्याएं नजर आईं और न ही मंदिरों में भक्त पहुंच पाए। पुजारी ही मंदिर में पूजा पाठ कर रहे थे।
लोग कन्या पूजन के लिए तरसते रहे। किसी ने भी अपने बेटी को घर से बाहर निकलने नहीं दिया। नवरात्रि के दौरान शहर में किसी भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो पाया। रामनवमी उत्सव पर होने वाले भव्य आयोजन पहले ही रोक दिए गए थे। ऐसे में लोगों ने अपने-अपने घरों में ही नवरात्रि पूजन किया और प्रसाद बांटे।
सेक्टर 30 के श्री महाकाली मंदिर के प्रधान राकेश पाल मोदगिल ने बताया कि नवरात्रि पर मंदिर के पुजारी ही दुर्गा सप्तशती का और श्री रामचरितमानस का पाठ करते रहे। राम नवमी पर भी मंदिर में ही भगवान की पूजा की गई। नवरात्रि की पूर्णाहुति की गई और हवन का आयोजन भी किया गया, लेकिन इस कार्यक्रम में बाहर का कोई भी व्यक्ति नहीं आ सका।
देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉक्टर लाल बहादुर दुबे ने बताया कि उन्होंने शहर के लोगों की सुख समृद्धि और शांति की कामना के लिए जाप भी किया।