कोरोना को लेकर झूठी खबरें फैलाने वालों पर शिकंजा कसते हुए पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निगरानी के लिए एक विशेष टीम के गठन की घोषणा की। यह टीम झूठी ख़बरें फैलाने वाले व्यक्ति की पहचान कर उस पर कार्रवाई करेगी। डीजीपी ने खुलासा किया कि टीम का नेतृत्व एडीजीपी रैंक के अधिकारी करेंगे जो पुलिस हेडक्वार्टरों पर तैनात रहेंगे। सभी जिला पुलिस प्रमुखों को झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 2005 के आपदा प्रबंधन एक्ट, जिसे अब कोविड-19 वायरस से पैदा हुए संकट से निपटने के लिए पूरे देश में लागू किया गया है, संबंधी खबरें फैलाना एक जुर्म है। इस संवेदनशील विषय पर झूठी खबरें फैलाने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए डीजीपी ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया गया, उसे पंजाब पुलिस आड़े हाथों लेगी। उन्होंने कहा कि गलत खबरें फैलाने का दोषी वाट्सएप ग्रुप एडमिन होगा और इसलिए ग्रुप प्रबंधकों को उन तत्वों की पहचान करने में पुलिस का सहयोग करना चाहिए, जो अपने निजी एजंडे के लिए ग्रुप का गलत प्रयोग करना चाहते हैं।
गुप्ता ने वाट्सएप पर झूठी और चिंताजनक खबरें फैलाने वाले पटियाला के पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ फौजदारी केस दर्ज करने में पटियाला पुलिस द्वारा की गई तुरंत कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने जनता से अपील की कि वह अपने निजी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मौजूदा संकट का लाभ लेने की कोशिश करने वालों से सावधान रहें।
कर्फ्यू तोड़ने वालों के लिए 21 ओपन जेल तैयार
डीजीपी ने राज्य में कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने के बारे में कहा कि पुलिस और जिला प्रशासन कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के लिए खुली जेलें स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी 21 जेलें पहले से बना दी गई हैं जबकि शुक्रवार को नोटीफाई की जाएंगी। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति कर्फ्यू का उल्लंघन करता पाया गया, वह इन जेलों में भेजा जाएगा और उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।