मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सीमित ढील में मल्टी ब्रांड और सिंगल ब्रांड मॉल को छोड़कर कुछ रजिस्टर्ड दुकानों को वर्करों की 50 प्रतिशत संख्या के साथ सुबह सात बजे से 11 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है। नई हिदायतों के मुताबिक, इस समय के दौरान शहरी इलाकों में आस-पास की दुकानें और रिहायशी कांप्लेक्सों में दुकानों को खोलने की भी आज्ञा दी गई है। इन हिदायतों में स्पष्ट किया गया है कि सैलून, नाई की दुकानें आदि सेवाएं बंद रहेंगी। इसी तरह लॉकडाउन के समय के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों को सिर्फ जरूरी वस्तुएं मुहैया करवाने की इजाजत होगी।
वर्करों का प्रबंध करने में सक्षम उद्योगों को खोलने की इजाजत
मुख्यमंत्री ने राज्य में उद्योगपतियों को अपनी यूनिट सशर्त चलाने की अपील की है ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था को बहाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे उद्योग जो कामगारों के रहने का बंदोबस्त कर सकते हों या फिर कामगार संबंधित उद्योग के साथ लगते इलाकों से आते हैं, वे अपनी यूनिट चला सकते हैं।
ग्रामीण इलाकों में सभी तरह के विकास कार्यों की अनुमति
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंजाब के गृह विभाग ने जिला अधिकारियों को राज्य भर में औद्योगिक गतिविधियों की आज्ञा देने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी पाबंदी के हर किस्म की नए निर्माण की आज्ञा दी है जबकि शहरी क्षेत्रों में कर्मचारियों की उपलब्धता के आधार पर केवल वहीं प्रोजेक्ट जारी रखे जा सकते हैं, जो पहले से निर्माणाधीन हैं। इस तरह, पहले से जारी कामों को जारी रखने या दोबारा शुरू करने पर कोई पाबंदी नहीं है।
शराब की बिक्री पर पहले की तरह पाबंदी जारी रहेगी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि नगर निगमों और नगर पालिकाओं के बीच वाले मार्केट कांप्लेक्सों में गतिविधियां 3 मई, 2020 तक बंद रहेंगी। आदेश में आगे कहा गया है कि जिन दुकानों को खोलने की इजाजत दी गई है, उनमें वस्तुओं से संबंधित दुकानें ही हैं।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि दुकानें खोलते समय सामाजिक दूरी, सैनिटाइज और मास्क का प्रयोग आदि जैसे कोविड -19 की रोकथाम के प्रयासों को अमल में लाते हुए आम लोगों को वस्तुओं की खरीद के लिए बाहर जाने की इजाजत दी जाएगी। ढील की अवधि के बाद न सिर्फ कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया जाएगा बल्कि किसी को भी समर्थ अथॉरिटी की आज्ञा से बिना दुकानें खोलने या घूमने की आज्ञा नहीं दी जाएगी।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि 24 अप्रैल को जारी किये गए केंद्रीय गृह मंत्रालय के चौथे आदेश के अनुसार, राज्य के गृह विभाग ने विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं, जो स्पष्ट करते हैं कि नगर निगमों और नगर पालिकाओं की सीमा के बीच वाले ‘खरीददारी कांप्लेक्टसों शब्द की जगह ‘मार्केट कांप्लेक्सों’ से बदल दिया गया है जिसका अर्थ है कि मार्केट कांप्लेक्सों में गतिविधियां 3 मई, 2020 तक बंद रहेंगी। आदेश में आगे कहा गया है कि जिन दुकानों को खोलने की इजाजत दी गई है, उनमें वस्तुओं से संबंधित दुकानें ही हैं और सैलून, हजामत की दुकानें आदि बंद रहेंगी।