कोरोना महामारी से निपटने के लिए और लॉकडाउन से जूझ रहे प्रदेशवासियों को राहत देने के लिए हरियाणा सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। हरियाणा सरकार कोरोना से निपटने के लिए आयुष डॉक्टरों की सेवाएं लेने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य लोगों को निर्बाध गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान करना है। इन डाक्टरों को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
सीएम मनोहर लाल ने वीरवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा के सांसदों, विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ कोविड-19 के मदेनजर उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के दौरान कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए आयुष डॉक्टरों की सेवाएं लेने पर भी बल दिया है।
4500 कंबाइन हार्वेस्टर, मध्यप्रदेश का इंतजार
राज्य में लगभग 4500 कंबाइन हार्वेस्टर हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जो कंबाइन हार्वेस्टर मध्यप्रदेश राज्य से हरियाणा में आती हैं वे भी यहां कटाई के समय पर पहुंच सकें। सीएम ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह उन किसानों के लिए राज्य को राहत पैकेज प्रदान करें, जो सीजन के अंत में मंडियों में अपनी उपज लेकर आएंगे।
उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हित में राज्य के अनुरोध पर विचार करेगी। सरकार ने 15 अप्रैल, 2020 से सरसों की और 20 अप्रैल, 2020 से गेहूं की खरीद शुरू करने का फैसला किया है। सामूहिक रूप से उपज की खरीद की बजाए राज्य की मंडियों में फसल को क्त्रस्मबद्ध तरीके से खरीदा जाएगा।
ज्यादा उपज वाले बड़े किसानों से अनुरोध किया जाएगा कि वे अपनी उपज को घर या किसी अन्य स्थान पर संग्रहित करें। उपज की खरीद करते समय छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी राशन कार्ड-धारकों को 5 अप्रैल, 2020 तक राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उनके लिए पैक्ड राशन की व्यवस्था की गई है। स्थानीय नेताओं, गैर सरकारी संगठनों और अन्य सामाजिक संगठनों की सहायता से ऐसे लाभार्थियों की एक सूची भी तैयार की जा रही है।
गांवों में पहुंचेंगे बैंकों के प्रतिनिधि, मोबाइल एटीएम शुरू होंगे
बैंकों के प्रतिनिधि गांव- गांव जाकर लोगों को वित्तीय लाभ पहुंचाएंगे। ताकि लोगों को बैंकों तक जाना न पड़े और बैंकों में भीड़ का माहौल न रहे। जिलों में मोबाइल एटीएम भी जगह-जगह वाहनों में घूमेंगे। मुख्य सचिव के केशनी आनंद अरोड़ा वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिये संकट समन्वय समिति की बैठक के दौरान सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने बताया कि मोबाइल एटीएम की सुविधा हर जिले में शुरू की जाए।
आमजन के घर द्वार पर वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए बैंक कॉरस्पोडेंट को हर गांव में भेजने का एक तंत्र बनाया जाए। ताकि बैंकों में एक समय पर अधिक लोग इकट्ठा न हो सकें। उन्होंने कहा कि इनके लिए ऑनलाइन पास की सुविधा भी मुहैया करवाई जाए और नाको पर खड़े पुलिसकर्मियों को विशेष निर्देश दिए जाएं कि बैंक कॉरस्पोडेंट के आवागमन पर किसी प्रकार की रोक न लगाई जाए।
मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि कोरोना रिलीफ फंड के लिए नगद में दान न लिया जाए, बल्कि लोगों को डिजिटल माध्यम से दान देने के लिए प्रेरित किया जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रवासी मजदूरों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए और जो जहां हैं उन्हें वहीं रोक कर बनाए गए रिलीफ कैंपों में रखा जाए। इसके साथ ही अंतर जिला सीमाओं पर विशेष तौर पर नजर रखी जाए।
उन्होंने कहा कि निजी लैब की संख्या को बढ़ाया जाए और सुपरवाइजर ऑफिसर भी इन निजी लैब की सुपरविजन के लिए लगाए जाए। उन्होंने कहा कि टेली मेडिसन और मोबाइल ओपीडी की सुविधा भी जल्द शुरू की जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्लम क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और उनकी थर्मल स्कैनिंग की जाए ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके।
दूध न खरीदने पर सरकारी खरीद एजेंसियों की खिंचाई
कोरोना से जंग में सरकारी खरीद एजेंसियां भी सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं, जिनके खिलाफ सीएम मनोहर लाल ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी दूध खरीद एजेंसियां किसानों से दूध खरीदने से मना कर रही थीं। जिसकी शिकायत किसानों ने सरकार से की। शिकायत मिलते ही सीएम मनोहर लाल हरकत में आए व एजेंसियों की खिंचाई की। उन्हें निर्देश दिए गए कि दूध की लगातार खरीद करें ताकि दूध खराब न हो और किसान की आय भी न घटे। इसी तरह से किसानों की सब्जियां खरीदने की भी व्यवस्था की गई है।
किसान उत्पादन संघों यानी एफपीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे सब्जियां खरीद कर आगे उनकी बिक्री करें, जिससे कि सब्जियां खराब भी न हों और किसानों की आय का साधन बना रहे। सीएम मनोहर लाल ने ये जानकारी जनता को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने जरूरत के इस समय में विशेष रूप से गरीब लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं। लगभग 3.50 लाख निर्माण श्रमिकों को 1000 रुपये प्रति सप्ताह की दर से वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे हैं। राहत प्रदान करने के लिए पहले ही 3000 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।
इस महीने के लिए अतिरिक्त 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बीपीएल परिवारों को राशन के साथ एक हजार रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं। हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड स्थापित किया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे इस फंड में उदारता से योगदान करें। इसके लिए कर्मचारी भी आगे आ रहे हैं। अभी तक 80 हजार लोगों ने 40 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। 2 लाख के करीब कर्मचारियों ने अभी योगदान करना है, इसलिए एप से योगदान करने की अवधि 4 अप्रैल तक बढ़ा दी है। पेंशनर्स भी मदद को आगे आए हैं।