कोरोना संक्रमण से पीड़ितों के इलाज के लिए पंजाब सरकार पहली बार प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल करेगी। इसके लिए सरकार ने एसपीएस अस्पताल लुधियाना की मेडिकल टीम के जरिए कोरोना संक्रमित लुधियाना के एसीपी अनिल कोहली की प्लाज्मा थेरेपी करवाने का फैसला किया है।
सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा राज्य में स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई वीडियो कांफ्रेंस के बाद दी। पंजाब पुलिस के एसीपी का परिवार, जो लुधियाना के अपोलो अस्पताल में दाखिल है, ने भ्री इस थेरेपी के लिए इजाजत दे दी है। अब पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं के डायरेक्टर संभावित प्लाज्मा दानी से तालमेल कर रहे हैं।
इससे पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया गया कि थेरेपी में आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। इसका प्रबंध राज्य सरकार के स्वास्थ्य सलाहकार और पीजीआई के पूर्व डायरेक्टर डॉ. केके तलवाड़ द्वारा किया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि डॉ. तलवाड़ की विनती पर पीजीआई के बल्ड ट्रांसफ्यूजन विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. नीलम मरवाहा ने प्लाज्मा थेरेपी के लिए कोशिशों का नेतृत्व करने की सहमति दे दी है।
इसी दौरान अनिल कोहली के संपर्क में आए तीन व्यक्तियों के भी कोविड -19 के टेस्ट किए गए। इनमें एसीपी की पत्नी पलक कोहली, उनका ड्राइवर सिपाही प्रभजोत सिंह (फिरोजपुर) और अनिल कोहली सब- डिविजन के अधीन आने वाले क्षेत्र जोधेवाल का सब इंस्पेक्टर अर्शप्रीत गरेवाल शामिल हैं।