मेडिकल अफसर मानसा और 70 पुलिस कर्मचारियों को ‘डीजीपी ऑनर फॉर इग्जैमप्लरी सेवा टू सोसायटी’ अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि डॉ. रणजीत राय को बुढ्ढलाडा में कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों की संपर्क ट्रेसिंग और तुरंत नमूने लेने में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए ‘ऑनर एंड डिस्क’ के साथ सम्मानित करने के लिए चुना गया है।
वहीं, डीजीपी ने बताया कि अगली कतार पर काम कर रहे 27 पुलिस जिलों में अलग-अलग रैंक के 70 पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें दो एएसपी, 22 डीएसपी, 7 इंस्पेक्टर, 13 सब-इंस्पेक्टर, 9 एएसआई और 17 एचसी / सिपाही शामिल हैं। गुप्ता ने बताया कि उक्त पुरस्कार विजेताओं का चयन पुलिस कमिश्नर और एसएसपीज द्वारा पंजाब पुलिस और अन्य अधिकारियों द्वारा भेजे नामों की जांच के बाद पुरस्कार की दूसरी सूची के लिए किया गया है।
हेडकांस्टेबल जतिंदर सिंह ने जीता पंजाबियों का दिल
एचसी जतिन्दर सिंह, जोकि राज्य के सबसे अधिक सक्रिय और प्रमुख ग्रामीण पुलिस अधिकारी (वीपीओ) के तौर पर उभरे हैं, वह गांव मुच्छल, सब डिवीजनल जंडियाला (अमृतसर-ग्रामीण) के वीपीओ हैं। उनको किसी दुखी महिला ने फोन किया था कि उसके 3 दिनों के नवजात बच्चे को डॉक्टरी सहायता की तुरंत जरूरत है और उसके पास मदद के लिए कोई नहीं है।
गांव के एक वॉलंटियर के साथ जतिंदर उस महिला और उसके बच्चे को अपनी कार में अमृतसर के अस्पताल ले गए और उसका डॉक्टरी इलाज करवाने में सहायता की। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया और उनके इस काम ने सभी पंजाबियों का दिल जीत लिया। इससे पहले उन्होंने गांव के वॉलंटियरों को अपने स्रोत इकट्ठे करने के लिए प्रेरित किया और जरूरतमंदों को राशन और भोजन बांटा। उन्होंने मुच्छल गांव में मेडिकल कैंप लगाने की सुविधा भी मुहैया करवाई।
अजय गांधी - एनआरआई ढूंढे और कराया मेडिकल
बठिंडा में प्रशिक्षण अधीन एएसपी अजय गांधी (आईपीएस), जो इस समय बठिंडा जिले के मोड़ थाने में एसएचओ के तौर पर तैनात हैं, को कोविड-19 संबंधी अपने क्षेत्र के लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए उनकी निरंतर कोशिशों के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने अधिकार क्षेत्र में पहुंचे एनआरआई को ढूंढने के लिए और उनकी डॉक्टरी जांच करवाने के लिए तत्काल और प्रभावशाली कदम उठाए।
एएसआई जगतार ने गर्भवती महिला के लिए रक्तदान किया
संगरूर के एएसआई जगतार सिंह को एक गर्भवती महिला पुनीत कुमारी निवासी पत्नी विशाल पंडित निवासी बिहार (जो अब संगरूर के निवासी हैं) के परिवार का फोन आया, जिसमें हीमोग्लोबिन का स्तर 4.5 ग्राम / डीएल था और जो सिविल अस्पताल संगरूर में उपचाराधीन थी। जगतार सिंह ने तुरंत उस ब्ल्डग्रुप का खूनदान किया, जो उस समय संगरूर में उपलब्ध नहीं था।
अमरोज सिंह (पीपीएस) डीएसपी (एयरपोर्ट) एसएएस नगर ने सभी विदेशी लोगों की मेडिकल जांच यकीनी बनाने में अहम भूमिका निभाई, जो चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। मोहाली जिले के नोडल अधिकारी होने के नाते उन्होंने मेडिकल टीमों से तालमेल करके फील्ड टेस्टिंग, मरीजों को डॉक्टरी सहूलियतें मुहैया करवाने, संपर्क ढूंढने और सभी विदेशी यात्रियों की घर में क्वारंटीन करवाने में अथक मेहनत की।
दीपिका सिंह ने नवांशहर में लॉकडाउन कराया लागू
दीपिका सिंह (पीपीएस) डीएसपी एसबीएस नगर, कोविड-19 के लिए पुलिस की नोडल अधिकारी हैं, ने गांव पठलावा में राज्य का पहला कोरोना पॉजिटिव मामला आने पर प्रभावशाली ढंग के साथ तालाबंदी लागू करवाई। उन्होंने कोविड-19 मामलों की जांच और निगरानी के लिए जरुरी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया (एसओपी) दस्तावेज तैयार किए।
रोहित मीलू- पॉजिटिव मरीजों के करीबियों का भी कराया मेडिकल
रोपड़ जिले के हेड कांस्टेबल रोहित मीलू (977 / आर) ने 4 अप्रैल को गांव चितामाली (रोपड़) के कोविड पॉजिटिव केस) से संबंधित सभी संपर्कों की मेडिकल जांच करवाने में प्रभावशाली भूमिका निभाई थी।
कोविड से लड़ते हुए खुद भी बीमार हो गईं एसआई अर्शप्रीत
एसआई अर्शप्रीत कौर एसएचओ पीएस जोधेवाल लुधियाना ने सामाजिक दूरी संबंधी उपायों को लागू करने समेत सब्जी मंडी लुधियाना में नियमित कामों के लिए एक व्यवस्था तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाई। हालांकि 17 मार्च को वह खुद भी कोविड पॉजिटिव पाई गई और डीएमसी अस्पताल लुधियाना में दाखिल हैं। लेकिन वह अपने जबरदस्त वीडियो संदेशों के जरिए पंजाब पुलिस का मनोबल बढ़ा रही हैं और पुलिस को और उत्साहित कर रही हैं।
भाई निर्मल सिंह के संस्कार में अहम भूमिका निभाई कांस्टेबल लवप्रीत ने भाई निर्मल सिंह के संस्कार को यकीनी बनाने के लिए अमृतसर शहर के कांस्टेबल लवप्रीत सिंह ने बड़ी भूमिका निभाई। इसके अलावा वह पूरे दिल से और नि:स्वार्थ भावना के साथ गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा कर रहा है।
अपना वेतन गरीबों पर खर्च कर रहीं कांस्टेबल जींदो रानी
श्री मुक्तसर साहिब जिले की महिला कांस्टेबल जींदो रानी पिछले 2 महीनों से अपनी तनख्वाह गरीब और कमजोर लोगों को राशन मुहैया कराने के लिए खर्च कर रही है। उन्होंने हाल ही में एक गरीब महिला को भी बचाया, जिसे लकवे का दौरा पड़ा था और उसने अपनी तनख्वाह उस महिला के इलाज पर खर्च कर दी।
गर्भवती महिलाओँ की मदद कर रहीं डीएसपी हिना गुप्ता
हिना गुप्ता डीएसपी (हेडक्वार्टर, श्री मुक्तसर साहिब) ने गरीब गर्भवती महिलाओं की सेहत जांच करवाने की व्यवस्था करवाई और उनको फल, आयरन और फोलिक ऐसिड की गोलियां उपलब्ध करवाईं। उन्होंने झुग्गियों में रहने वाली महिलाओं के लिए 2000 सैनेटरी पैड भी बांटे।