19 मार्च को पाकिस्तान से अटारी सीमा के रास्ते वतन पहुंची जम्मू कश्मीर की 14 युवतियां स्वामी विवेकानंद नशा छुड़ाओ केंद्र के पुनर्वास केंद्र में हैं। इन युवतियों की सकुशल घर वापसी के लिए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ट्वीट किया है।
इस ट्वीट में उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से आग्रह किया है कि नौ सीटर एयर क्राफ्ट श्रीनगर में खड़ा है। आज-कल इसकी कोई भी उपयोगिता नहीं है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस एयरक्राफ्ट को अमृतसर भेज कर इन युवतियों को श्रीनगर हवाई अड्डे पहुंचा सकता है।
अब्दुल्ला ने लिखा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सहयोग से यह समस्या कुछ घंटों में ही हल हो सकती है। इसी ट्वीट को रीट्वीट करते हुए महबूबा मुफ्ती ने लिखा है कि इन युवतियों का क्वारंटीन पीरियड पूरा हो चुका हैं। अब वे घर जाना चाहती हैं।
जम्मू कश्मीर के नागरिकों को मुंबई से एयरलिफ्ट किया जा सकता है तो फिर इन युवतियों को क्यों नहीं। जम्मू कश्मीर प्रशासन इनके लिए एक बस का प्रबंध नहीं कर सकता। जम्मू कश्मीर से पाकिस्तान गईं इन युवतियों को अमृतसर में इसलिए क्वारंटीन किया गया था क्योंकि ऐसी शंका थी कि कहीं ये पाकिस्तान से कोरोना संक्रमित होकर न आई हों।
एक अप्रैल को इनका क्वारंटीन पीरियड खत्म हो गया है। अमृतसर प्रशासन इन्हें जम्मू कश्मीर भेजने की तैयारी में है। इन सभी को सेहत संबंधी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। प्रशासन ने दो अप्रैल की सुबह पांच बजे एक बस मंगवाई, ताकि युवतियों को घर भेजा जा सके। जानकारी के अनुसार कठुआ के डीसी ने इन्हें अमृतसर से जम्मू-कश्मीर भेजने पर आपत्ति दर्ज की।
इसके बाद युवतियों का घर जाना टल गया। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमृतसर प्रशासन से कहा कि इन युवतियों का कोविड-19 टेस्ट करवाया जाए। यदि रिपोर्ट निगेटिव आई तो इन्हें भेज दिया जाए। प्रशासन ने इन युवतियों का थ्रोड स्वैब लेकर जांच के लिए इंफ्लुएंजा लैब भेजा है। सैंपल रिपोर्ट बुधवार को आने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद अमृतसर प्रशासन इन्हें जम्मू-कश्मीर भेजेगा।