पंजाब के कोरोना हॉटस्पॉट जवाहरपुर में शनिवार को दो और संक्रमित मरीज मिल गए। इसके साथ ही प्रदेश में मरीजों की संख्या 153 हो गई। मोहाली जिला में मरीजों की संख्या 50 पहुंच गई है। इस संख्या के साथ मोहाली पंजाब में कोरोना पीड़ितों के मामले के नंबर वन बना हुआ है। जिले में कोरोना से दो मौत भी हो चुकी है, जबकि अभी तक केवल पांच लोग तंदरुस्त होकर घर लौटे हैं। कुछ लोग जमातियों के संपर्क में आने से कोरोना पीड़ित हुए है। नयागांव में एक बुजुर्ग और खरड़ में एक महिला की कोरोना से मौत हो चुकी है। अब 300 लोग क्वांटीन चल रहे हैं, जबकि 51 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
प्रदेश के इस वीआईपी जिले में मरीजों की बढ़ रही संख्या सरकार और सेहत विभाग दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई। स्थिति को काबू करने के लिए प्रशासन द्वारा प्रयास किए किए जा रहे हैं। ड्रोन से लॉकडाउन तोड़ने वालों पर नजर रखी जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को गांव जवाहरपुर के रहने वाले दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दोनों पहले पॉजीटिव आए लोगों के संपर्क में थे। इसके साथ अकेले गांव जवाहरपुर मरीजों की संख्या 34 पहुंच गई। सभी को बनूड़ स्थित ज्ञान सागर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। डीसी गिरीश दियालन ने दो और नए केस आने की पुष्टि की है।
उनका कहना है कि सेहत विभाग की टीमें काम में जुटी हुई हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। इससे पहले सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने भी इलाके में जाकर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने इलाके के लोगों से अपील भी की थी कि अगर इस बीमारी को हराना है तो वह घरों पर ही रहें। गांव में कोई बाहर से आया है तो उसके बारे में तुरंत सेहत विभाग को बताएं, ताकि उक्त लोगों का समय पर इलाज करवाकर अपने इलाकों को सुरक्षित किया जा सके। जिक्रयोग है कि मोहाली अब कोरोना पीड़ितों की संख्या पचास हो गई। इसमें मोहाली शहर, जवाहरपुर और खरड़ के मरीज शामिल थे।
अब घर बैठे भी कर सकते है कोरोना टेस्ट
जानकारी के मुताबिक, लोगों को कोरोना से बचाने के लिए पंजाब सरकार कई प्रयास कर रही है। सरकार ने एक ऐप कोवा लांच की है, जिसे फोन पर डाउनलोड करने से लोग कोरोना संबंधी सारी जानकारी आसानी से हासिल कर पाएंगे। उसके माध्यम से सरकार को कोविड फंड में राशि देने से लेकर खुद घर बैठे अपना कोरोना टेस्ट भी कर सकते हैं। टेस्ट करना बड़ा आसान है। कुछ सवाल ऐप पर पूछे जाते है, जिनके जवाब देने होते हैं। कुछ लक्षण नजर आते हैं तो आपको को सलाह दी जाती है कि अपने सिविल अस्पताल में संपर्क करें।
पीड़ितों के एरिया में जाने पर मोबाइल में बजेगी घंटियां
कोरोना महामारी को मात देने के लिए मोहाली पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया है। पुलिस ने इसके लिए कोविड कंट्रोल नाम से एक ऐप पांच अप्रैल को लॉन्च की थी। यह मोबाइल ऐप जियो फेंसिंग टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए क्वारंटीन चल रहे लोगों की पहचान व निशानदेही के लिए बनाई गई है। आम लोग भी यदि ऐप अपने मोबाइल पर डाउनलोड करते हैं तो उन्हें पता चल जाएगा कि वह ऐसे एरिया में तो नहीं हैं, जहां पर क्वारंटीन लोग रह रहे हैं। वहीं, क्वारंटीन चल रहे व्यक्ति को हर घंटे अपनी सेल्फी ऐप पर अपलोड करनी होगी। इससे उनकी लोकेशन व उनके साथ कौन-से लोग हैं, इस बारे में सारी जानकारी पुलिस को मिल जाएगी। फिर पुलिस उन पर आसानी से नजर रख पाएगी। नियम तोड़ने वाले लोगों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई भी की जाएगी।