दस मई को सिविल अस्पताल के एसएमओ समेत डेंटल डाक्टर और लैब इंचार्ज पैथोलोजिस्ट के अलावा मेडिकल लैब टेक्नीशियन ग्रेड-1 और ग्रेड-2 के चार कर्मी, एमएलडी कंट्रेक्ट, सेहत विभाग के एक ड्राइवर और सिविल सर्जन के पीए की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यह रिपोर्ट चंडीगढ़ की आईएमटैक लैब से आई थी।
नियम के अनुसार, जिस लैब से पहले टेस्ट करवाया गया हो उसी लैब से दोबारा टेस्ट करवाया जाता है। लेकिन सेहत विभाग के नियमों का उल्लंघन कर एसएमओ समेत एक डॉक्टर और दो अन्य कर्मचारियों के सैंपल 10 मई को ही पीजीआई और पटियाला लैब में भेजे। वहां से 11 मई को रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इसके बाद एक विवाद खड़ा हो गया जिसने सेहत विभाग की कार्यप्रणाली और लैब की योग्यता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं डीसी इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बता रही है। इसी दौरान कोरोना पॉजिटिव आई एक स्टाफ नर्स ने क्वारंटीन सेंटर से एक आडियो रिकार्डिंग वायरल कर कहा कि चार लोगों के ही सैंपल दोबारा लिए गए हैं जबकि उनके सैंपल दोबारा नहीं लिए जा रहे हैं। उन्हें पहले पॉजिटिव आई उनकी रिपोर्ट के बारे में भी नहीं बताया गया है।