शराब खरीदने के बाद नाम न छापने की शर्त पर व्यक्ति ने बताया कि ब्लेंडर्स प्राइड की दो लीटर की बोतल उसे 2 हजार रुपये में दी गई, जबकि उसका प्रिंट रेट 1600 रुपये था। इसी तरह स्टर्लिंग रिजर्व की जो बोतल 350 रुपये की मिलती थी, उसके लिए 450 रुपये में बेचा गया। रॉयल स्टैग की करीब 350 रुपये की बोतल के लिए 400-500 रुपये चार्ज किया गया।
इसके अलावा बियर की 120 रुपये की बोतल 170 रुपये में बेची गई। मंहगे रेट के बावजूद लोगों ने जमकर शराब की खरीददारी की। कई जगह ठेकों का शटर खुला तो अलग-अलग कई लाइनें भी लग गईं। अचानक भीड़ बढ़ती देखकर हंगामा होने लगा तो पुलिस व प्रशासन की टीम ने पहुंचकर लोगों को भगाया और पहले ठेकों के बाहर मार्किंग करवाई गई।
बोतल से ज्यादा, पेटी खरीदते दिखे लोग
लोगों में शराब की दुकानें खुलने पर खरीददारी के लिए इस कदर जनून देखने को मिला कि लोग एक या दो बोतल की जगह पेटी खरीदकर कर घर ले जाते दिखाई दिए। इसके अलावा शहर के कई सेक्टरों में लोग विभिन्न तरह के बैग लेकर शराब खरीदने पहुंचे थे।
वहीं, कॉलोनियों में शराब की दुकानों पर अधिक भीड़ एकत्रित होने की चर्चा रही और पुलिस बल को सोशल डिस्टेंस के लिए काफी प्रयास करना पड़ा। पहले दिन ही यूटी में जिस तरह से शराब की बिक्री हुई है, उससे प्रशासन को अच्छा खास राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, क्योंकि लिकर वेंडर्स को दुकानें बंद होने के चलते काफी नुकसान झेलना पड़ा। इस कारण वह पुराना कोटा भी क्लियर नहीं कर पाए थे।