सीएम ने बताया कि अप्रैल में 3360 करोड़ का राजस्व एकत्रित होने की उम्मीद के विपरीत केवल 396 करोड़ की ही आय हुई है और बिजली का उपभोग 30 फीसदी तक घटने के कारण राज्य बिजली निगम लिमिटेड को बिजली दरों में रोजमर्रा का 30 करोड़ का घाटा हो रहा है। वहीं, केंद्र की तरफ से राज्य के जीएसटी के 4365.37 करोड़ के बकाये की भी अदायगी अभी तक नहीं की गई।
जोन तय करने का काम राज्य सरकार को मिले
मुख्यमंत्री की तरफ से राय रखी गई कि रेड, आरेंज और ग्रीन जोनों के वर्गीकरण का फैसला राज्यों पर छोड़ देना चाहिए, जिस कारण डिप्टी कमिश्नरों को जमीनी हकीकतों के अनुसार क्षेत्रों की निशानदेही के लिए अधिकृत किया जा सकता है। पटियाला को रेड जोन एलान किए जाने की मिसाल देते हुए सीएम ने कहा कि मुख्य तौर पर दूध का उत्पादन करने वाला नाभा भी इस जिले का ही हिस्सा है। पंजाब में इस मौके पर चार कंटेनमेंट जोन और चार रेड जोन जिले हैं। इसके अलावा 15 जिले ऑरेंज जोन में और बाकी तीन ग्रीन जोन में हैं।
नांदेड से लौटे 4200 में से 962 पॉजिटिव निकले
उन्होंने कहा कि पंजाब से बाहर रहते पंजाबियों की राजस्थान और महाराष्ट्र से राज्य में वापसी होने के बाद मामलों में एकदम विस्तार हुआ है। नांदेड़ से लौटे 4200 से अधिक व्यक्तियों में से 969 केस पॉजिटिव आए हैं। इनमें से सिर्फ 23 व्यक्तियों में लक्षण पाए गए हैं और कुछ के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक बार ऐसे सभी व्यक्तियों की टेस्टिंग मुकम्मल होने के बाद अगले 3-4 दिनों में स्थिति में सुधार होने पर यह विस्तार खत्म होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में वापस लौटने वालों से राज्य में रोग फैलने के बड़े खतरे के बारे भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रवासी पंजाबियों खासकर खाड़ी मुल्कों के कामगारों के चार समुद्री जहाज अगले कुछ दिनों में पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, एनआरआई को लेकर पहला विमान गुरुवार को पहुंच सकता है। लगभग 20,000 एनआरआई के अगले 2-3 हफ्तों में पंजाब पहुंचने की उम्मीद है और बाकी राज्यों से भी अगले दिनों में करीब 12,000 पंजाबी आ रहे हैं।
10 लाख प्रवासी अपने राज्यों को लौटेंगे
पंजाब से प्रवासी मजदूरों के अपने गृह राज्यों में वापस जाने के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि अब तक 10 लाख मजदूर रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इसमें से 85 प्रतिशत उत्तर प्रदेश और बिहार से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इन कामगारों के रेल सफर के किराये के लिए 35 करोड़ रुपये मजूर किए हैं। पांच मई को तीन ट्रेन इन्हें लेकर यूपी और झारखंड के लिए रवाना हो चुकी हैं और 6 मई को 6 और ट्रेन जा रही हैं।