दो दिन पहले रेलवे कालोनी नंबर पांच में करन की हत्या के बाद जांच के लिए पहुंचे डीसीपी इन्वेस्टिगेशन सिमरतपाल सिंह ढींढसा, एडीसीपी गुरप्रीत कौर पूरेवाल, एसीपी सिविल लाइन जतिंदर चोपड़ा, एसीपी क्राइम मंदीप सिंह, थाना डिवीजन पांच की एसएचओ एसआई रिचा रानी को होम क्वारंटीन किया गया है।
इसके अलावा चौकी बस स्टैंड के इंचार्ज गुरचरणजीत सिंह, एएसआई तेजिंदर सिंह, एएसआई जज सिंह, हेड कांस्टेबल सुंदर सिंह, पीएचसी कृष्ण लाल और फिंगर प्रिंट टीम के इंचार्ज थानेदार जतिंदर सिंह, थानेदार सतपाल सिंह, हेड कांस्टेबल कुलविंदर सिंह को भी अस्पतालों में क्वारंटीन किया है। वहीं, इन दोनों के शवों को लाने वाले जीआरपी मुलाजिमों को भी क्वारंटीन किया गया है।
अमृतसर: हजूर साहिब से लौटे 95 श्रद्धालुओं को घर भेजा
तख्त श्री हजूर साहिब से अमृतसर लोटे 95 श्रद्धालुओं को शुक्रवार उनके घर भेज दिया गया। इन्हें श्री गुरु रामदास अस्पताल व गुरु नानक देव अस्पताल में स्थापित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। इनकी तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं को फूलों की माला पहना कर घर भेजा। तख्त श्री हजूर साहिब से आए यात्रियों में 260 की रिपोर्ट कोविड 19 पॉजिटिव आई थी।
अब तक 260 श्रद्धालुओं में से 140 श्रद्धालु ठीक हो चुके है। मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने बताया की प्रदेश के तीन मेडिकल कॉलेज में अब तक 35 हजार कोरोना वायरस टेस्ट हो चुके हैं। बीते चार दिनों में अमृतसर में 600 टेस्ट किए गए हैं। किसी भी व्यक्ति की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आयी है। यदि कुछ दिन तक कोई भी पॉजिटिव केस नहीं आया तो सरकार अमृतसर को रेड जोन से ऑरेंज जोन में कर देगी।
मुक्तसर: दो और मरीजों को छुट्टी
सिविल अस्पताल के कोविड वार्ड से मुक्तसर व गांव काउणी के दो कोरोना पॉजिटिव को शुक्रवार को छुट्टी दे दी गई है। इन दोनों मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। सिविल सर्जन डॉ. हरि नारायण सिंह ने बताया कि दो मरीजों को छुट्टी मिलने के बाद अब एक्टिव केसों की संख्या 60 है।
फरीदकोट: एकांतवास सेंटर में औचक जांच में चार श्रद्धालु पॉजिटिव
फरीदकोट प्रशासन ने श्री हजूर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं में से निगेटिव रिपोर्ट वाले लोगों को अभी एकांतवास सेंटरों में रखा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने एक सेंटर में रुके श्रद्धालुओं में से 30 रेंडम सैंपल लिए थे, जिनमें से शुक्रवार को चार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इन सभी को तुरन्त गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
चार नए केस सामने आने से अब फरीदकोट में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 52 हो गई है, जिनमें से पांच घर लौट चुके हैं। बाकी 47 एक्टिव केसों में से 46 का फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज अस्पताल और एक केस का लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उपचार हो रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. राजिंदर कुमार ने बताया कि कुछ तकनीकी कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने पांच श्रद्धालुओं के सैंपल रिपीट किए थे। उसी दिन ऐसे 30 श्रद्धालुओं के रेंडम सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए, जिनकी पहले निगेटिव रिपोर्ट आई हुई थी लेकिन वह पॉजिटिव केसों से संपर्क में थे। एक दिन पहले रिपीट सैंपलों में से दो महिला श्रद्धालुओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जबकि शुक्रवार को चार श्रद्धालु पॉजिटिव मिले हैं।
गुरदासपुर से 116 स्वस्थ मरीज डिस्चार्ज, पांच ही मरीज अस्पताल में भेजा
गुरदासपुर जिले में कुल 116 स्वस्थ हुए कोरोना पॅाजिटिव मरीजों को जिला प्रशासन की ओर से घर भेज दिया गया है। इसमें से 65 मरीजों के टेस्ट निगेटिव पाए गए थे। वहीं 51 ऐसे मरीजों को छुट्टी दी गई है जिनके टेस्ट नहीं करवाए गए यह क्वारंटीन थे। इन लोगों को एक हफ्ते के लिए घर पर एकांतवास के निर्देशों के तहत उन्हें छुट्टी दी गई है। अब गुरदासपुर में कुल 5 मरीज पॉजिटिव रह गए है, जिनके सैंपल रिजेक्ट हो गए थे, प्रोटोकोल के तहत उन्हें अब सोमवार को छुट्टी दी जाएगी।
डीसी मोहम्मद इश्फाक ने बताया कि आईसीएमआर की हिदायतों के अनुसार बिना लक्षण वाले मरीज की सांस प्रणाली अगर 95 प्रतिशत तक सही काम करती है, उसे बुखार नहीं है और न ही कोई लक्षण है तो उसे घर भेजा जा सकता है। जिले में अब सिर्फ पांच मरीज रह गए , हैं जिसमें बटाला में 3 और धारीवाल में 2 मरीज दाखिल हैं। सभी ठीक है। डीसी ने कहा कि गुरदासपुर ग्रीन जोन में पहुंच चुका है।
डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि अब तक जिला लुधियाना के 24 मरीज ठीक हो चुके है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कुला 11 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिली। ठीक होने वालों में चार कोटा से लौटे विद्यार्थी हैं और सात श्री नांदेड़ साहिब से लाए गए श्रद्धालु शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को 17 नए पॉजिटिव मामले सामने आए।
इसके अलावा अब तक लुधियाना में 4599 सैंपल लिए गए हैं। जिसमें से 4186 की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। लुधियाना से संबंधित 146 सैंपल पॉजिटिव आए हैं। जबकि बाकी जिलों से संबंधित केसों की संख्या 59 है। 24 मरीज ठीक हो चुके है और छह मौते हो चुकी हैं। जिला लुधियना के 116 मरीजों का इलाज सिविल अस्पताल लुधियाना और जच्चा-बच्चा अस्पताल में चल रहा है।
पटियाला में 34 और मरीजों ने कोरोना को दी मात, एक नया केस सामने आया
सरकारी राजिंदरा अस्पताल में दाखिल 34 और मरीजों ने कोरोना को मात दे दी है। इन सभी मरीजों को ठीक होने पर शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज करके घरों को भेज दिया गया। इनमें 17 श्रद्धालु और 10 लोग कच्चा पटियाला एरिया से संबंधित हैं। इन सभी को अगले सात दिन घर में ही अलग रहने की शर्तें पूरी करने को कहा गया है। जबकि उधर कोविड जांच संबंधी लैब में भेजे सभी 74 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव रही है। लेकिन राजपुरा का रहने वाला एक पीआरटीसी ड्राइवर पॉजिटिव पाया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा ने बताया कि पॉजिटिव व्यक्ति अब बठिंडा के सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल है। वहीं शुक्रवार को जिले के विभिन्न स्थानों से स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कुल 69 सैंपल लिए गए हैं। जिनमें ज्यादातर बाहर से आ रहे यात्रियों के हैं। जिनकी रिपोर्ट शनिवार को आएगी।
तरनतारन में 81 मरीजों ने जीती कोरोना से जंग
तरनतारन में शुक्रवार को 81 मरीजों ने कोरोना से जंग जीती। इन लोगों को घर भेजने के लिए विधायक डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री व हरमिंदर सिंह गिल आइसोलेशन वार्ड पहुंचे तो सभी ने जयकारे लगाकर प्रशासन का धन्यवाद किया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास कुल सात एंबुलेंस थी, जिसके चलते कोरोना खिलाफ जंग जीतने वाले इन लोगों को ठूंस-ठूंस कर एंबुलेंस में बैठाया गया।
यह सारा माजरा एसडीएम रजनीश अरोड़ा खुद देखते रहे लेकिन उन्होंने भी शारीरिक दूरी के नियमों को नजरअंदाज किया। डीसी प्रदीप सभ्रवाल कहते हैं कि एंबुलेंस में क्षमता से अधिक लोगों को क्यों बैठाया गया। इसी जांच करवाई जाएगी। सिविल अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड से 74 और श्री गुरु नानक देव सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल से सात मरीजों ने शुक्रवार को जंग जीत ली।
दोपहर बाद जब रिपोर्ट आई कि बड़ी तादाद में कोरोना मरीज तंदुरुस्त हुए हैं तो डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने सिविल सर्जन डॉ. अनूप कुमार और एसएमओ डॉ. इंद्रमोहन गुप्ता को बधाई दी। कोरोना के खिलाफ जंग जीतने वालों में 25 महिलाएं, आठ बच्चे व 14 बुजुर्ग शामिल है।
सिविल अस्पताल होशियारपुर और सिविल अस्पताल दसूहा से शुक्रवार को 78 व्यक्तियों को डिस्चार्ज कर दिया गया। इनमें 71 श्री हजूर साहिब से आए श्रद्धालु है। इन श्रद्धालुओं ने निशुल्क बसों से जिले में लाने पर पंजाब सरकार की प्रशंसा की, वहीं अस्पतालों में अच्छे खाने व रोजाना की जा रही साफ सफाई पर भी जिला प्रशासन का धन्यवाद प्रकट किया। एसएमओ डॉ. जसविंदर सिंह ने डिस्चार्ज सर्टिफिकेट भी सौंपे। इस मौके पर चीफ फार्मासिस्ट डॉ. शिप्रा, जतिंदर सिंह, नीलम, रुबी और अक्षय कुमार भी उपस्थित थे।
पांच वर्षीय बच्चा कोरोना पीड़ित
फतेहगढ़ साहिब में दूसरे राज्य से गेहूं की कटाई करके लौटा एक कंबाइन ऑपरेटर कोरोना पीड़ित पाया गया था। उसके परिजनों के टेस्ट लेने पर पांच वर्षीय बच्चे पॉजिटिव मिली। सिविल सर्जन डॉ. एनके अग्रवाल ने बताया कि बच्चे को ज्ञान सागर अस्पताल बनूड़ में दाखिल करवाया गया है। जिले में मरीजों की संख्या 56 हो गई है।
राहत की सांस, शुक्रवार को कोरोना का कोई नया मरीज नहीं मिला, 79 मरीज डिस्चार्ज
पिछले कई दिनों से जालंधर में लगातार कोरोना के मरीज मिलने से खौफजदा शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है। शुक्रवार को कोई भी मरीज कोरोनाग्रस्त नहीं पाया गया है। वहीं जालंधर के स्वास्थ्य विभाग ने 79 ऐसे मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया है, जो केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के अधीन आते थे।
जालंधर के सिविल अस्पताल में दो दिन पहले 26 मरीजों ने इसी कारण खाना त्याग दिया था कि उनमें कोरोना तो है लेकिन लक्षण और असर नहीं है, इसलिए उनको डिस्चार्ज कर घर भेज देना चाहिए। वह घर में खुद को क्वारंटीन कर लेंगे। केंद्र सरकार ने हाल ही में नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत उन मरीजों को सिविल अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं है, जिनमें मामूली लक्षण है और कोरोना संक्रमित हैं।