कोरोना के कारण पीयू की सभी विभागीय कैंटीन पर ताला लग गया है। स्टूडेंट सेंटर की दुकानें भी बंद कर दी गई हैं। वहीं छात्रावासों में भी महज 20 फीसदी ही विद्यार्थी बचे हैं। ये विद्यार्थी दूरस्थ क्षेत्रों के हैं। साथ ही यहां धुलाई का अभियान भी चला और दवाएं आदि छिड़की गईं। पीजीआई की साइड गेट नंबर-1 सुबह 8 से 9.30 बजे और शाम को 5 से 6 बजे के मध्य ही खुला रहेगा।
पीयू में 40 से अधिक कैंटीन हैं। यह मंगलवार को बंद रहीं। कुछ कैंटीन के गेट खुले लेकिन वहां सफाई अभियान चल रहा था। इसके अलावा स्टूडेंट सेंटर की सभी दुकानें बंद रहीं। एक दुकान जरूर खुली, लेकिन बाद में बंद करवा दी गई। सभी 20 छात्रावासों में जाकर पीयू की टीम ने जांच की। हॉस्टलों को सैनेटाइज किया जा रहा है।
जिन हॉस्टलों में 70 से 100 स्टूडेंट रुके हैं वहां एक मेस खोली गई है ताकि विद्यार्थियों को खाने के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। लाइब्रेरियां भी बंद हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षक व कर्मचारी काम में जुटे हैं। छात्रों की संख्या कम होने के कारण परिसर में सन्नाटा पसर गया है।
कोचिंग सेंटर नहीं मान रहे प्रशासन का निर्देश
यूटी प्रशासन के निर्देश गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों के लिए कोई मायने नहीं रखते हैं। कोरोना को लेकर प्रशासन के निर्देश के बाद भी सेक्टर 34 स्थित अधिकतर कोचिंग सेंटर खुले रहे। जब इस बारे में उनसे बातचीत की गई तो कोचिंग सेंटर संचालकों ने परीक्षा होने का बहाना बनाया। चंडीगढ़ प्रशासन ने सोमवार को सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों को 31 मार्च तक बंद रखने के निर्देश जारी किए थे।
शिक्षा विभाग और जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों को निर्देशित भी किया था कि तत्काल प्रभाव से यह निर्देश लागू कर दिए जाएं। इसके बावजूद शहर के अधिकांश कोचिंग सेंटर मंगलवार को खुले रहे। कुछ निजी कोचिंग संचालकों का कहना है कि उन्हें प्रशासन के ऐसे निर्देश को कोई जानकारी नहीं है। कुछ कोचिंग संचालकों का कहना है कि कोचिंग में जरूरी परीक्षाओं के कारण सेंटर खुला है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ का कहना है कि प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीयू व अन्य शिक्षण संस्थानों में पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों को ‘कोरोना वायरस’ समेत कई नामों से कहकर चिढ़ाया जा रहा है। यह आरोप लगाते हुए एबीवीपी ने आक्रोश जताया है। साथ ही शिक्षण संस्थानों से कहा है कि वह अपने अपने यहां के विद्यार्थियों से कहें कि ऐसा न करें।
एबीवीपी पंजाब चंडीगढ़ के प्रांत सचिव चिरांशु रतन ने कहा है कि कोरोना वायरस से देश के कुछ लोग प्रभावित हुए हैं, ऐसे में सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पूर्वोत्तर भारत के विद्यार्थियों को चाइनीज, चिंकी, कोरोना वायरस आदि नाम से संबोधित कर उनका मजाक बनाकर उनका बहिष्कार कर रहे हैं।
इसकी एबीवीपी निंदा करती है। उन सभी को भारत के पूरे भूगोल को समझने और उसके बाद इस प्रकार की बातों से परहेज रखने की चेतावनी देती है। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को गलत नाम से पुकारा जाता है तो उसकी जानकारी एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को दें। गलत बोलने वाले विद्यार्थियों पर कार्रवाई करवाई जाएगी।