उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के मौजूदा संकट को ध्यान में रखते हुए कॉरिडोर को बंद रखने का फैसला एक अस्थायी व्यवस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य इस खतरनाक बीमारी को फैलने से रोकना है। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर को पक्के तौर पर बंद किए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
उन्होंने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर से श्रद्धालुओं की दर्शन-दीदार करने की इच्छा पूरी हुई है और इस फैसले को किसी भी कीमत पर कभी बदला नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका अच्छा भाग्य है कि करतारपुर कॉरिडोर उनके समय में खुला है और उनकी सरकार इस विषय पर भाग्यशाली है कि इसे श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को श्रद्धा और सत्कार के साथ मनाने का मौका हासिल हुआ।
लोकपाल पंजाब का कार्यालय 31 मार्च तक बंद
पंजाब सरकार की ओर से कोविड-19 से निपटने के उठाए जा रहे कदमों के मद्देनजर लोकपाल पंजाब का कार्यालय 31 मार्च तक सार्वजनिक कार्यों के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान सिर्फ जरूरी और तुरंत सुने जाने वाले मामलों पर ही विचार किया जाएगा। लोकपाल पंजाब के प्रवक्ता ने बताया कि अगर कोई बहुत जरूरी या तुरंत सुने जाने वाला मामला लोकपाल पंजाब के समक्ष आता है तो लोकपाल पंजाब के अंडर-सेक्रेटरी द्वारा इन मामलों के लिए विशेष स्टाफ तैनात किया जाएगा।
यह आदेश 031 मार्च तक लागू रहेंगे, क्योंकि लोकपाल पंजाब के कार्यालय में समूचे पंजाब से विभिन्न मामलों की सुनवाई संबंधी आते हैं और लोगों को किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। लोकपाल के कार्य फिर से पूरी तरह शुरू करने संबंधी 1 अप्रैल, 2020 को मूल्यांकन किया जायेगा।