पीजीआई के कोरोना समर्पित हॉस्पिटल में रविवार को चार वर्षीय बच्चे समेत तीन लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। इनमें से दो मोहाली (पंजाब) के जबकि तीसरा हरियाणा निवासी था। मृतकों की पहचान डेराबस्सी के गुरुनानक कालोनी निवासी एकांश (04), कुराली निवासी हरिंदर सिंह (52) और हरियाणा के जोतीसर गांव निवासी रानी (49) के रूप में हुई है।
इन तीनों में कोरोना के लक्षण दिखने के बाद डॉक्टरों ने शनिवार की रात उन्हें आइसोलेशन में शिफ्ट किया था। रविवार को जांच के लिए इनके सैंपल लिए जाने थे लेकिन उससे पहले ही तीनों की मौत हो गई। तीनों के शव से जांच के नमूने लेकर रिपोर्ट आने तक शवों को मोर्चरी में रखवा दिया गया। रविवार देर शाम चार वर्षीय बच्चे और महिला की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया जबकि कुराली निवासी हरिंदर की रिपोर्ट नहीं आई थी।
पीजीआई प्रबंधन के अनुसार चार साल के बच्चे को इलाज के लिए एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में भर्ती कराया गया था। उसे किडनी की समस्या थी। वहीं, हरिंदर सिंह और रानी को फेफड़े में संक्रमण की शिकायत पर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया था। तीनों में कोरोना के लक्षण दिखने पर उन्हें कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया था। जब तक सैंपल लिए जाते तब तक संदिग्ध हाल में तीनों की मौत हो गई। इसके बाद पीजीआई प्रबंधन ने तीनों के सैंपल जांच को भेजे गए थे।
इससे पूर्व 6 माह की रितिका की भी हुई थी मौत
पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में कुछ दिन पूर्व ही पंजाब के फगवाड़ा निवासी छह माह की बच्ची की मौत हुई थी। दिल में छेद का सर्जरी कराने लाई गई रितिका की कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसके बाद बच्ची को कोरोना वार्ड में शिफ्ट किया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। हालांकि पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. जगतराम का कहना था कि बच्ची पीजीआई आने से पहले ही कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद पीजीआई के 54 लोगों को क्वारंटीन कर उनका कोरोना टेस्ट कराया गया लेकिन सभी सुरक्षित मिले।