शुक्रवार को भी बापूधाम में कोरोना के नए मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने बापूधाम में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पहुंची टीमों ने लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की और फिर उनसे कुछ जानकारियां लीं, जैसे कि उन्हें खांसी जुकाम व अन्य कोई समस्या है या नहीं।
इसके बाद उनके मोबाइल नंबर लेकर वहां से चले गए। इस पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि बापूधाम का हर व्यक्ति डरा हुआ है, ऐसे में उनसे खांसी-जुकाम पूछकर प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉ. जी. दीवान ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ हुई बैठक में बताया कि बापूधाम में शुक्रवार को 2541 घरों के 11,153 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।
सेक्टर-15ए सील नहीं, सिर्फ कुछ घर किये क्वारंटीन: स्वास्थ्य सचिव
स्वास्थ्य सचिव अरुण गुप्ता ने बताया कि अभी तक शहर के सिर्फ छह पॉकेट को सील किया गया है, जिसमें बापूधाम कॉलोनी, सेक्टर-30बी का कुछ हिस्सा, धनास कच्ची कॉलोनी, शास्त्री नगर का कुछ हिस्सा, सेक्टर 38 का कुछ हिस्सा और सेक्टर-52 का कुछ हिस्सा। उन्होंने सेक्टर-15ए को सील करने की खबरों को अफवाह करार दिया। कहा कि सेक्टर-15ए को सील नहीं किया गया है। जिस घर में कोरोना का मरीज सामने आया है, सिर्फ उसके नजदीक के कुछ घरों को क्वारंटीन किया गया है।
शहर के चिकित्सा संस्थानों के डॉक्टरों ने प्रशासक बदनौर को बताया है कि पड़ोसी राज्य कोरोना की जांच किये बगैर इमरजेंसी में मरीजों को भेज रहे हैं, जिससे कि खतरा बना हुआ है। प्रशासक ने ऐसे मामलों की लिस्ट तैयार करने को कहा है, ताकि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को उठाया जा सके। बैठक में नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने बताया कि गर्मियों के दौरान पानी की कमी न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रबंध किए जा रहे हैं।
होम आइसोलेशन पर जा सकते हैं कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीज
यूटी के स्वास्थ्य सचिव अरुण गुप्ता ने बताया कि कोरोना के ज्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि मरीजों में हल्के लक्षण होते हैं। ऐसे मरीजों के भारत सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसे चंडीगढ़ फॉलो करेगा। इसके तहत जिन लोगों में कोरोना वायरस के हल्के लक्षण हैं या वे पूर्व-लक्षण अवस्था में हैं, तो वे घर पर खुद को होम आइसोलेशन में रखने का विकल्प चुन सकते हैं। अस्पताल की तरफ से उन्हें घर जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस विकल्प को चुनने के लिए मरीज के घर पर सेल्फ-आइसोलेशन की सुविधा होना अनिवार्य है।
नॉन कंटेनमेंट जोन में प्रशासन कई तरह की रियायतें दे सकता है। जैसे 33 प्रतिशत स्टाफ के साथ दफ्तरों को काम करने की अनुमति मिल सकती है। कुछ शोरूम को खोलने की छूट मिल सकती है। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से शुरू किये जाने वाले कामों के लिए व्यक्तियों और वाहनों की आवाजाही, अनिवार्य वस्तुओं का निर्माण करने वाली कुछ फैक्ट्रियां, हल्के निर्माण गतिविधियां, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं और आवश्यक वस्तुओं के संबंध में ई-कॉमर्स गतिविधियों को भी अनुमति मिल सकती है। हालांकि सैलून, स्पा आदि के खुलने को लेकर संदेह है। वहीं स्कूल-कॉलेज, होटल, मॉल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, पब, ट्रेन, सिनेमा आदि बंद रहेंगे।