चंडीगढ़ प्रशासन ने पाया कि प्रत्येक अस्पताल में फीवर क्लीनिक की काफी आवश्यकता है, ताकि संदिग्धों की इन क्लीनिक में जांच हो सके और अगर जरूरत पड़े तो ज्यादा गंभीर मामलों की कोरोना वायरस के लिए जांच के लिए भेजा जा सके। ऐसी स्थिति के लिए शहर में छह क्लीनिक तैयार किए गए हैं, जिनमें जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 पीजीआई, हेल्थ केयर सेंटर सेक्टर-22, 45 और मनीमाजरा हैं। कोरोना जांच के सैंपल की रिपोर्ट आने तक व्यक्ति को आइसोलेशन में रखा जाता है। ऐसे में मामलों की संख्या बढ़ने पर तीनों अस्पतालों में आइसोलेशन बेड की संख्या को बढ़ाकर 115 करने की योजना है।
पीयू के चार हॉस्टलों में 630 बेड की व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-22 के सूद धर्मशाला में 300 बेड, पंचायत भवन में 109 बेड, जीएमसीएच-32 के हॉस्टल में 100 बेड, पंजाब यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल हॉस्टल में 120 बेड, पीजीआई के इंफोसिस सराय में 254 बेड, पीयू के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8, 9 और 10 में 510 बेड, पीजीआई के पीछे स्थित सरकारी स्कूल में 200 बेड, होटल पार्क व्यू में 312 बेड, जेम्स होटल में 270 बेड और शहर के विभिन्न निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में 500 बेड की व्यवस्था की गई है।
सभी कोविड केयर सेंटर के बाहर खड़ी रहेगी एंबुलेंस
प्रशासन की तरफ से बनाए गए सभी कोविड केयर सेंटर के बाहर 24 घंटे एक एंबुलेंस खड़ी रहेंगी। जरूरत पड़ने पर प्राइवेट अस्पतालों के एंबुलेंस की भी मदद ली जा सकती है। इसके अलावा प्रत्येक कोविड केयर सेंटर में 24 घंटे एक आयुष डॉक्टर और एक एलोपैथिक डॉक्टर तीन शिफ्ट में मौजूद होंगे। इसके अलावा वॉर्ड असिस्टेंट, नर्स, सैनिटरी स्टॉफ भी 24 घंटे मौजूद रहेगा। प्रत्येक सेंटर में प्रशासन का एक अधिकारी और दो अन्य लोग डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की मदद के लिए तैनात रहेंगे।
स्टेडियम, कम्युनिटी सेंटर में बनेगा क्वारंटीन होम
प्रशासन के प्लान के तहत अगर ज्यादा लोगों को क्वारंटीन करने की जरूरत पड़ती है तो इसमें शहर के विभिन्न सेक्टरों में मौजूद स्टेडियम, स्कूल, कम्युनिटी सेंटर आदि को भी क्वारंटीन होम और सेंटर के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इन जगहों पर कालोनी आदि में रहने वाले लोगों को रखा जाएगा। यहां पर उन्हें सभी तरह की सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि संक्रमण का खतरा अन्य लोगों को न हो। इन्हें खाना आदि सुविधाएं देने की जिम्मेदारी चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम की होगी।
यह तैयारी सबसे खराब स्थिति से निपटने के लिए की गई है। हालांकि चंडीगढ़ में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी फिर भी प्रशासन अपनी तरफ से तैयार है। किसी भी शहरवासी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। - अरुण कुमार गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव, चंडीगढ़