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पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव सितंबर में होंगे, तैयारी में जुटा प्रशासन, प्रचार प्रसार अभी से शुरू

Sat, 27 Jun 2020 11:21 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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कोरोना के कारण भले ही कई चीजें प्रभावित हुई हों, लेकिन पीयू सीनेट के चुनाव निर्धारित तिथियों में ही कराने की योजना बना रहा है। इसके लिए तेजी से तैयारियां चल रही हैं। पीयू प्लान बना रहा है कि यदि कोरोना का प्रसार चलता रहा तो कैसे चुनाव होंगे और खत्म हो गया तो चुनाव की प्रक्रिया क्या रहेगी। तय माना जा रहा है कि सितंबर में ही सीनेट के चुनाव होंगे।
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सीनेट में 91 सीटें हैं। इसमें से 35 सीटों पर सदस्य मनोनीत करने का अधिकार चांसलर एवं उपराष्ट्रपति का है। इसके अलावा 14 सीटों का चयन स्नातक अभ्यर्थी करते हैं। इस चुनाव के लिए देशभर में बूथ बनाए जाने की प्रक्रिया है। क्योंकि पीयू से स्नातक करने वाले अभ्यर्थी पूरे देश में हैं। इसके अलावा चार सीटें पीयू के कैंपस से भरी जाएंगी। इसमें दो असिस्टेंट प्रोफेसर चुने जाने हैं और दो प्रोफेसर।

कॉलेजों से भी प्रिंसिपल्स का चुनाव होता है जो चुनकर सीनेट में पहुंचते हैं। साथ ही शिक्षक भी चुनकर आते हैं। यह पीयू का बड़ा कार्यक्रम है। साथ ही समय पर करवाने की योजना भी चल रही है। सात सितंबर को लेक्चरर व प्रिंसिपल कैटेगरी के चुनाव होंगे। साथ ही 20 सितंबर को स्नातक के चुनाव होने हैं। वहीं दूसरी ओर सीनेट के ग्रुप लीडर भी चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। कोई किसी से पीछे न रहे, वह अपनी ताकत दिखाएंगे।
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प्रचार प्रसार अभी से शुरू
वर्तमान सीनेट में दो ग्रुप काम कर रहे हैं। इसमें एक गोयल ग्रुप तो दूसरा सुभाष शर्मा ग्रुप है। दोनों ग्रुपों ने पिछले सिंडिकेट चुनाव में दम लगाया और भाजपा के सुभाष शर्मा ने अपना खाता खोला और चार सदस्यों को जिताया। वहीं गोयल ग्रुप की सर्वाधिक सीटें आईं। सिंडिकेट में गोयल ग्रुप का पूर्ण बहुमत है। अब सीनेट चुनाव आने वाले हैं। सूत्रों का कहना है कि दोनों ग्रुपों ने तैयारी तेज कर दी है। स्नातक वोटरों को अपने पाले में लेने के लिए कोशिशें चल रही हैं, क्योंकि स्नातक वोटर्स को 14 सीटों के लिए मेंबर चुनने हैं।

यदि इसमें से आधी सीटें सुभाष ग्रुप के पास आ जाती हैं तो माना जाएगा कि सुभाष ग्रुप का पलड़ा भारी होगा, क्योंकि चांसलर कार्यालय से चुने जाने वाले 35 मेंबर सुभाष ग्रुप के खेमे में जाएंगे। ऐसे में संख्या 42 से अधिक जाएगी। लेकिन स्नातक ग्रुप पर कब्जा गोयल ग्रुप भी पूरा रखता है। सूत्रों का कहना है कि चुने जाने वाले सभी मेंबर गोयल ग्रुप से हो सकते हैं। ऐसे में फिर गोयल ग्रुप का पलड़ा भारी होगा। हालांकि स्थिति अगस्त में जाकर साफ होगी।
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