कोरोना महामारी के बीच सबसे आगे खड़े होकर लड़ाई लड़ रहे स्टाफ नर्स और नर्सिंग सिस्टर को सम्मान देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है।
प्रशासन ने बुधवार को यह तय कर दिया कि अब से चंडीगढ़ के सभी अस्पतालों में काम करने वाले स्टाफ नर्स को नर्सिंग ऑफिसर और नर्सिंग सिस्टर को सीनियर नर्सिंग ऑफिसर कहा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसे मंजूरी दे दी है। इस संबंधी आदेश आने वाले एक-दो दिनों में जारी कर दिए जाएंगे लेकिन बड़ी बात यह है कि यह न तो कोई प्रमोशन है और न ही इससे इनकी सैलरी बढ़ेगी।
चंडीगढ़ प्रशासन के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशासन ने यह फैसला कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित करने के लिए किया है। हालांकि यह कोई प्रमोशन नहीं है, न ही कर्मचारियों को अतिरिक्त कोई आर्थिक लाभ मिलेगा। प्रशासन का यह फैसला स्टॉफ नर्स और नर्सिंग सिस्टर द्वारा किए गए कार्यों को लेकर उनके प्रति सम्मान जताने के लिए किया है।
एडवाइजर मनोज परिदा ने ट्वीट कर भी इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि चंडीगढ़ अकेला ऐसा यूटी था, जिसमें नर्सिंग को यह पद नहीं मिला था। बाकी सभी दूसरे अस्पतालों में नर्सिंग को यह पद बहुत पहले ही दिया जा चुका था। यूटी के तहत आने वाली सभी नर्सिंग स्टाफ की लंबे वक्त से मांग थी कि उनका पद नर्सिंग स्टाफ से बदलकर नर्सिंग ऑफिसर किया जाए। अब जाकर इस मांग को पूरा कर दिया गया है।