कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एयरफोर्स और आर्मी अथॉरिटी ने अहम फैसले लिए हैं। इसके तहत एयरफोर्स अथॉरिटी अब अपने कर्मचारियों से दो शिफ्ट में काम करवाएगी। वहीं, सैन्य छावनियों में सीएसडी कैंटीनें बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं।
दोनों आर्म्ड फोर्स का मकसद जवानों, अफसरों, सैनिक परिजनों व अन्यों के बीच क्लोज कांटैक्ट को दूर करना है। उधर, सैन्य क्षेत्रों के एंट्री पॉइंट पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था कर दी गई है। पूर्णतया स्वस्थ आदमी की ही सैन्य क्षेत्रों, यूनिटों और मुख्यालयों में एंट्री होगी। दरअसल, सेना इस बात को लेकर बहुत ज्यादा सजग है कि किसी भी तरह इस वायरस का प्रकोप जवानों और अफसरों तक न पहुंचे।
एयरफोर्स अथॉरिटी ने अब विभिन्न वायु स्टेशनों पर 2 शिफ्टों में काम की व्यवस्था बना दी है। पहली शिफ्ट सुबह 7 बजे शुरू होगी जो कि दोपहर 1 बजे तक चलेगी। ड्यूटी रोस्टर के मुताबिक संबंधित वायुसेना स्टेशन में तैनात स्टाफ का 50 प्रतिशत पहली शिफ्ट में काम करेगा जबकि शेष 50 प्रतिशत स्टाफ दूसरी शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से लेकर रात्रि 8 बजे तक काम करेगा। इमरजेंसी ड्यूटी पहले की तरह 24 घंटे जारी रहेंगी।
मिलता रहेगा राशन, दूध, सब्जी
सभी सैन्य क्षेत्रों में कैंटीन भले ही बंद कर दी गई हैं, लेकिन सैनिकों और उनके परिजनों को राशन, दूध सब्जी और दवाओं की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सैन्य क्षेत्रों में सस्ते राशन की दुकानें खुली रहेंगी। दूध के बूथ भी खुले रहेंगे। सेना की गाड़ियों में क्वार्टर परिसरों में जाकर सब्जियां भी बेची जाएंगी।
सिविल एरिया में रहने वाले जवानों की एंट्री बैन
एयरफोर्स में बहुत से जवान ऐसे हैं, जिन्हें सरकारी क्वार्टर अलॉट नहीं है। यह जवान विभिन्न सिविल क्षेत्रों में मकानों में रहते हैं। एयरफोर्स स्टेशन अथॉरिटी ने सिविल क्षेत्र में रहने वाले इन जवानों की स्टेशन में एंट्री एहतियातन बैन कर दी है। सूत्रों के अनुसार इन जवानों को निर्देश दिए गए हैं कि यह जवान अपने घरों में ही रहें और मोबाइल फोन के जरिये अपने-अपने वायुसेना स्टेशनों के रिपोर्टिंग प्रभारियों से अटैच रहें ताकि इमरजेंसी होने पर तुरंत उन्हें बुलाया जा सके।
निगरानी में रहेंगे विदेशियों के संपर्क में आने वाले अफसर
सेना और वायुसेना में बहुत से ऐसे अफसर ऐसे हैं, जिनके परिजन विदेश से लौटे हैं या वे खुद किसी काम से विदेश से लौट के आए हैं। सूत्रों ने बताया कि सेना ऐसे अफसरों पर विशेष निगरानी रख रही है। इन अफसरों को अपना मेडिकल जांच करवाने के भी आदेश दिए गए हैं।