पीजीआई को 4.5 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा रहा है। वेतन के लिए भी 40 करोड़ रुपये मंजूर हो गया है। वेंटिलेटर के लिए नये मॉनिटर की खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया है। इन्हें भी जल्द मुहैया करा दिया जाएगा। चिकित्सकों को प्रशिक्षण की जरूरत है। इसे भी शीघ्र किया जाए। निजी कॉलेज अपने स्तर पर मास्क, सैनेटाइजर व अन्य जरूरी चीजें खरीदे।
शार्ट टेंडर पर करेंगे जरूरी चीजों की खरीद
हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. ओपी कालरा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के महामारी का रूप लेने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। बीमारी से बचाव व मरीजों के इलाज को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। जरूरी चीजों की खरीद शार्ट टेंडर पर की जाएगी। इसकी मंजूरी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई बैठक में मिल गई है। कुछ बजट मिला है।
दवा, उपकरण व अन्य जरूरी चीजें खरीदने के लिए और बजट मुहैया कराने का भी आश्वासन दिया गया है। भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज व पीजीआई में कोरोना की जांच की जा रही है। इसके अलावा मेवात व करनाल कॉलेज में भी लैब बनाई जाएगी। पीजीआई के 116 वेंटिलेटर समेत प्रदेश में 190 वेंटिलेटर मरीजों के लिए मौजूद हैं।
कुछ और नए वेंटिलेटर खरीदने की मंजूरी मिली है। आने वाले समय में यह संख्या बढ़ कर 400 पहुंच जाएगी। मास्क, सैनेटाइजर की कालाबाजारी करने, इनकी बिक्री नहीं करने या नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में एसीएस ने पुलिस में केस दर्ज कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
कोविड-19 की जानकारी के लिए हेल्प नंबर जारी
कोरोना वायरस नोडल अधिकारी पीजीआई के सीनियर प्रोफेसर डॉ. ध्रुव चौधरी ने कहा कि एसीएस आईसीयू के वेंटिलेटर के लिए दस नये मानीटर खरीदने की मंजूरी दे दी है। इससे आईसीयू अपडेट हो जाएगा। कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के साथ बीमारी की जानकारी देने व लोगों को सचेत करने के उद्देश्य से एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। पीजीआई के कर्मचारी के पास मोबाइल 9416447071 रहेगा। इस पर 24 घंटे कोई भी व्यक्ति कोरोना संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा सरकार ने 8558593911 मोबाइल नंबर जारी किया है।