चंडीगढ़ में बाहर से आने वाले यात्रियों को अब गुरुद्वारों में ठहरने के लिए कमरा नहीं मिलेगी। चंडीगढ़ समूह गुरुद्वारा प्रबंधक संगठन की बैठक में यह निर्णय लिया गया। ऐसा कोरोना वायरस को ध्यान में रखकर किया गया है। सेक्टर 7 के गुरुद्वारा साहिब में हुई बैठक की अध्यक्षता चंडीगढ़ समूह गुरुद्वारा प्रबंधक संगठन के चेयरमैन जत्थेदार तारा सिंह ने की।
इस संबंध में सभी गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधक कमेटियों को सूचित कर दिया गया है। गुरुद्वारा साहिब में बड़ी संख्या में लोग भी एकत्र नहीं होंगे। खुशी या गम के समय में भी अधिक लोग गुरुद्वारा साहिब में इकट्ठा नहीं होंगे। लंगर में भी कमी की गई है। पहले जैसे अब लंगर की व्यवस्था हर वक्त के लिए नहीं होगी।
बैठक में शहर के अधिकांश गुरुद्वारा साहिब के प्रतिनिधि शामिल हुए। चंडीगढ़ समूह गुरुद्वारा प्रबंधक संगठन के महासचिव रघबीर सिंह रामपुर ने बताया कि लंगर की व्यवस्था गुरुद्वारा साहिब में बुधवार से सीमित कर दी जाएगी। सुबह 8 से 9 बजे, दोपहर 1 से 2 बजे और रात 8 से 9 बजे तक ही लंगर का आयोजन होगा।
नगर कीर्तन पर भी संशय के बादल
चंडीगढ़ प्रशासन यदि रोक लगाई तो नगर कीर्तन का भी आयोजन नहीं होगा। बैसाखी पर भव्य और विशाल नगर कीर्तन का आयोजन होता है। फिलहाल सेक्टर 29 के गुरुद्वारा साहिब से नगर कीर्तन आयोजित करने का फैसला हुआ है। यह नगर कीर्तन 11 अप्रैल को निकाला जाना है, लेकिन अब इस नगर कीर्तन पर संशय के बादल छा गए हैं।