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खौफ: पालतू जानवरों के टीकाकरण में शामिल हुआ ‘कोरोना’, कुत्तों को होता है दो तरह का वायरस

Sat, 22 Feb 2020 10:44 AM IST
खुशबू गोयल अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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इसे कोरोना वायरस का डर ही कहेंगे कि पालतू पशुओं (डॉग्स) के टीकाकरण में अब कोरोना टीके को भी शामिल कर लिया गया है। इस कारण से टीकाकरण के लिए आने वाले पेट्स की संख्या में भी 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 100 दिनों की उम्र तक पेट्स में तीन टीकाकरणों को पशु चिकित्सक जरूरी बताते हैं।
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कोरोना वायरस के कारण अब तक चीन सहित अन्य देशों में दो हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस से संक्रमित 22 देशों में मरीज मिले हैं। भारत में भी अब तक 3 मामले प्रकाश में आ चुके हैं। वायरस फैलने का कारण व्यक्ति का एक दूसरे के संपर्क में आना बताया गया है। यह वायरस जानवरों से फैला है।

इन संभावनाओं को देखते हुए अब पालतू कुत्तों के लिए पशु विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों ने इसे जरूरी कर दिया है। इस कारण से टीकाकरण कराने वाले पेट्स की संख्या में दो माह में 30 प्रतिशत तक इजाफा हो गया है।
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ये तीन टीके हैं जरूरी

45 दिनों तक की उम्र वाले कुत्तों (पेट्स) के लिए सबसे पहले सेवन इन वन वेक्सीन लगाई जाती है। बाजार में इसकी कीमत 500 रुपये है। दूसरी वैक्सीन कोरोना वायरस के लिए लगाई जाती है। यह भी बाजार में आसानी से मिल जाती है। तीसरी वेक्सीन रेबीज की होती है। बाजार में यह 100 रुपये की मिलती है। हालांकि सरकार की ओर से यह वैक्सीन निशुल्क पशुओं में लगाई जाती है।

स्ट्रीट डॉग्स का नहीं हो रहा टीकाकरण
चंडीगढ़ के स्ट्रीट डॉग्स के लिए कोरोना वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। पशु चिकित्सालय विभाग द्वारा अभी तक सिर्फ रेबीज और अन्य आवश्यक टीकाकरण ही किया जा रहा है।

क्या है कोरोना वायरस
कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के अनुसार बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हैं।
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कुत्तों में दो तरह का होता है कोरोना वायरस

कुत्तों में दो तरह का कैनेन कोरोना वायरस पाया जाता है। पशु चिकित्सकों ने बताया कि यह कोविड-19 से अलग होता है। यह वायरस कुत्तों की आंतों में पाया जाता है। कुत्ते जब डायरिया के शिकार होते हैं तो इस तरह का वायरस उनमें देखने को मिलता है। यह वायरस कुत्ते से इंसानों में नहीं फैलता है।

चीन की घटना के बाद हुआ असर
पालतू पशु विशेषकर कुत्ते या बिल्ली के लिए तीन टीकाकरण आवश्यक हैं। इनमें अभी तक रेबीज और सेवन इन वन ही के टीके लगाए जाते थे, कोरोना वायरस का टीका नहीं लगवाया जाता था, लेकिन चीन में इस वायरस के कहर के बाद यहां के पालतू पशुओं में कोरोना वायरस का टीका लगाया जा रहा है।
- विनोद कुमार (सोनू), सदस्य, स्ट्रीट डॉग स्ट्रलाइजेशन, यूटी

स्ट्रीट डॉग्स का टीकाकरण किया जा रहा है, लेकिन कोरोना टीके को लेकर अभी कोई भी आदेश प्रशासन की ओर से नहीं मिले हैं। यदि ऐसे कोई आदेश जारी कर दिए जाएंगे तो उसे शीघ्र ही क्रियान्वित कर दिया जाएगा।
- डॉ. एमएस कंबोज, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, चंडीगढ़
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