दिल्ली चुनाव परिणाम और शिरोमणि अकाली दल से खटास के बाद भारतीय जनता पार्टी अपने ही एजेंडों पर विचार कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक ओर अलग-अलग समस्याओं को लेकर कमेटियां गठित कर दी हैं। वहीं पेयजल की बढ़ी दरों पर मंथन करने के बाद बढ़े हुए दामों को कम कराने के लिए शनिवार को चर्चा करेंगे।
इसमें पानी के टैरिफ कम करने और सीवर सेस घटाने को लेकर अगली सदन की बैठक में आवाज उठाने पर विचार करेंगे। भाजपा की ओर से दिल्ली चुनाव में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, डिप्टी मेयर जगतार सिंह जग्गा, शक्ति प्रकाश देवशाली समेत कई नेता प्रचार प्रसार करने पहुंचे थे।
वहां आम आदमी पार्टी की ओर से एक सीमा तक पानी, बिजली मुफ्त देने की योजनाओं का प्रभाव देखा। चुनाव परिणाम भी उसी के अनुकूल आया। वहीं शहर में पानी के दाम बढ़ाने के लिए कांग्रेस के विरोध के बावजूद भाजपा एजेंडा पास कर चुकी है। अब यह एजेंडा भाजपा के गले की हड्डी बन गया है।
आम आदमी पार्टी दिल्ली मॉडल पर चंडीगढ़ में चुनाव लड़ी तो भाजपा के लिए समस्या हो सकती है। वहीं अपने ही एजेंडे को पलटने के लिए भी भाजपा को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। इसके लिए कमेटी में शक्ति प्रकाश देवशाली को भी रखा गया है ताकि दिल्ली की स्थिति से वाकिफ होकर आगे की रणनीति तैयार कर सकें।
अकाली से खटास भी एक बड़ी वजह
शिरोमणि अकाली दल से खटास की खबरों के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पूर्व सीएम परकाश सिंह बादल से मिलने पहुंचे थे। साथ ही पंजाब के मुक्तसर गांव में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। भाजपा किसी भी हाल में पंजाब और चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी अथवा अन्य किसी पार्टी को हावी नहीं होने देना चाहेगी। इसलिए अब रिवर्स गियर लगाते हुए अपनी योजनाओं में बदलाव कर रही है।
12 कमेटियां टटोलेंगी शहर की समस्याएं
दिल्ली चुनाव से लौटकर अरुण सूद ने शहर की समस्याओं को सुलझाने के लिए 12 कमेटियों का गठन किया है। इनमें सभी वर्गों की समस्याओं को शामिल करते हुए उनसे सरोकार रखने वाले लोगों को शामिल किया गया है। एक कमेटी में चार से छह लोगों को रखा गया है। पानी के दाम को लेकर जो कमेटी बनाई गई है, उसकी रिपोर्ट के अनुसार वाटर टैरिफ दोगुना करने की बजाय 4 किलोलीटर के बाद 6 किलोलीटर किया जाए। वहीं सीवर सेस 30 प्रतिशत से 10 प्रतिशत करना चाहिए।
हमारी घोषणाओं के बाद के बाद भाजपा भी जाग रही है। हम तो आईना दिखाने का काम करते हैं। बेहतर निर्णय लेंगे तो हम साथ हैं, लेकिन शहर के अहित में कोई निर्णय होगा तो उसका विरोध भी करेंगे।
- प्रेम गर्ग, प्रेसिडेंट, आप
हमें तजुर्बा है शहर का। यहां की जरूरतें भी पता है और समस्याएं भी। किसी के पिछलग्गू बनकर कोई काम नहीं करते। सदन में भी हमने वॉकआउट किया था। हमने 15 साल में कभी टैक्स नहीं बढ़ाए।
- प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस