कोरोना वायरस के चलते चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को छोड़ने वालों की भीड़ ज्यादा जमा न हो। इसके लिए रेलवे ने प्लेटफार्म टिकट 50 रुपये का कर दिया था, लेकिन लोगों ने इसका भी शॉर्टकट रास्ता निकाल लिया है। 50 रुपये का प्लेटफार्म टिकट लेने के बजाय चंडीगढ़ के नजदीकी और लोकल स्टेशनों का महज 10 से बीस रुपये में टिकट लेकर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों तक यात्री आसानी से पहुंच रहे हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो यात्रियों को स्टेशन पर छोड़ने आने वालों को रोकने का रेलवे की यह प्लानिंग फेल हो गई है।
बता दें कि देश के सभी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म टिकट 10 रुपये से बढाकर 50 रुपये कर दिया गया है। इसको लेकर वीरवार को अमर उजाला की ओर से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर रियलिटी चेक की गई है। इसमें देखा गया है कि 20-25 यात्रियों ने चंडीगढ़ के नजदीकी 10-15 किमी के अंदर आने वाले रेलवे स्टेशनों तक जाने के लिए पैसेंजर ट्रेन का टिकट खरीदा और प्लेटफार्म पर आसानी से चले गए। इसको लेकर जब रेल यात्रियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि रेलवे ने पार्किंग की तरह प्लेटफार्म टिकट का रेट भी बढ़ाने की तैयारी कर रखी थी, बस मौके का इंतजार था।
वह मौका बना कोरोना वायरस। रेल अधिकारियों की मानें तो कोरोना वायरस से यात्रियों की सुरक्षा के लिए 30 अप्रैल तक प्लेटफार्म टिकट का मूल्य बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी एडवाइजरी के मुताबिक किसी स्थान पर अधिक लोगों को अनावश्यक रूप से जमा नहीं होने देना है।
केस नंबर- 1: लखनऊ निवासी विनय सिंह ने बताया कि उन्हें रेलवे स्टेशन पर किसी बुजुर्ग को रिसीव करने जाना था, लेकिन रेलवे स्टेशन के पंचकूला साइड पहुंचे तो पता चला कि प्लेटफार्म टिकट 50 रुपये कर दिया गया है। इसके लिए बाकायदा बोर्ड भी लगाया गया था। इसके बाद उन्हें किसी ने सलाह दी कि चंडीगढ़ से कालका तक जनरल ट्रेन का टिकट 10 रुपये में टिकट काउंटर से खरीद लें और 50 रुपये खर्च किए बिना ही आसानी से प्लेटफार्म पर चले जाएं। विनय ने कहा कि कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए प्लेटफार्म टिकट महंगा करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यहां कोई घूमने नहीं आता है, जरूरत पर ही लोग आते हैं।
केस नंबर-2: पंचकूला निवासी राकेश अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर प्लेटफार्म टिकट 10 से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। यह फैसला सही नहीं है। वह अपने रिश्तेदारों को छोड़ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर वीरवार को गए थे। वहां उन्हें पता चला कि प्लेटफार्म टिकट 50 रुपये का है। इस पर उन्होंने अंबाला तक जनरल ट्रेन का टिकट करीब 15 रुपये में खरीदा और अपने रिश्तेदार को छोड़ने के लिए प्लेटफार्म पर चले गए। उन्होंने बताया कि यात्रियों को लूटा जा रहा है। लगता है यह अब कम भी नहीं होगा, क्योंकि यहां पार्किंग का रेट इतना बढ़ सकता है, तो प्लेटफार्म टिकट तो आम बात है।
केस नंबर-3: बलटाना के हरमिलाप नगर निवासी कुंदन ने बताया कि उन्हें अपने बड़े भाई को लखनऊ जाने के लिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर छोड़ने जाना था। यहां आकर पता चला कि प्लेटफार्म टिकट का रेट कोरोना वायरस के चलते स्टेशन पर लोगोें की भीड़ कम करने के लिए रेलवे ने 50 रुपये का कर दिया है। इस पर उन्होंने चंडीगढ़ से मोहाली तक का जनरल टिकट खरीदा और प्लेटफार्म पर पहुंच गए। कुंदन ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को जागरूकता के साथ-साथ सफाई की जरूरत है, न कि प्लेटफार्म टिकट के दाम बढ़ाने की। यहां तो रेल यात्रियों को लूटने का काम किया जा रहा है।