कोरोना वायरस की वजह से सैनिटाइजर और हैंड रब की मांग के तेजी से बढ़ रही है। पंजाब ड्रग प्रबंधन कमिश्नरेट ने आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से रजिस्टर्ड डिस्टिलरीज को सैनिटाइजर और हैंड रब बनाने और सप्लाई करने की मंजूरी दे दी है। यह जानकारी खाद्य एवं ड्रग प्रबंधन के कमिश्नर काहन सिंह पन्नू ने दी।
आदेश में स्पष्ट तौर पर बताया है कि कोरोना वायरस के फैलने के कारण पैदा हुई आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह अनुमति केवल 10 दिन के लिए पूरी तरह अस्थायी तौर पर दी जा रही है। इसके अलावा उत्पादक केवल पंजाब में सरकार, सरकारी संस्थान को सप्लाई करेंगे और इसका कोई भी हिस्सा राज्य से बाहर सप्लाई नहीं किया जायेगा। यह भी हिदायत दी गई है कि उत्पादक केवल प्रमाणित सामग्री का ही प्रयोग करेंगे और भारत सरकार या पंजाब सरकार की ओर से निर्धारित कीमत से अधिक कीमत नहीं वसूलेंगे।
पन्नू ने बताया कि क्षेत्र के ड्रग कंट्रोल अधिकारी गुणवत्ता, उत्पादन की मात्रा और सप्लाई के लिए उत्पादन इकाइयों की रोजाना आधार पर जांच करेंगे। इसके अलावा अधिकारियों को इकाइयों के सामग्री के निर्माण और सप्लाई का सही रिकार्ड रखने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर मेडिकल वस्तुओं की उपलब्धता यकीनी बनाना जरूरी हो गया है।
भारत सरकार और पंजाब सरकार द्वारा कोविड-19 की रोकथाम के लिए उठाए गए अन्य उपायों के अलावा, सार्वजनिक, स्वास्थ्य कर्मचारियों और कोविड -19 की रोकथाम में लगे अन्य के लिए सैनिटाइजर व हैंड रब को भरपूर मात्रा में उपलब्ध करवाना जरूरी है। कोविड-19 के कारण हैंड सैनिटाइजर/ हैंड रब की मांग दिनो-दिन बढ़ रही है और मौजूदा निर्माण इकाइयों द्वारा बढ़ रही मांग को पूरा न कर पाने की भी खबरें हैं।
उन्होंने कहा ऐसी मुश्किल घड़ी में मांग और सप्लाई का फायदा उठाते हुए बहुत से व्यापारी काला बाजारी कर रहे हैं। यहां तक कि निर्माता सैनिटाइजर की बोतलों के लेबलों पर बहुत ज्यादा कीमतें प्रिंट कर रहे हैं, इसलिए सैनिटाइजर व हैंड रब के उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत है।