गुरदासपुर के पांच कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसमें से चार मरीज विदेश से आए थे, जिनका सैंपल शनिवार को भेजा गया था। एक मरीज होला मोहल्ला से होकर आया था। मंगलवार को विदेश गए एक अन्य मरीज का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। इस बारे में सिविल सर्जन किशनचंद ने बताया कि पांच रिपोर्ट के नतीजे आ गए है।
इसमें एक मरीज धारीवाल से था, वह दुबई से आया था, दूसरा दीनानगर से था जो मर्चेंट नेवी में था, तीसरा संदिग्ध जर्मनी से आया था जो शेरपुर गांव का था। चौथा मरीज नबीपुर से था, जो कनाडा से आया था। सिविल अस्पताल में तैनात डॉ. मनजिंदर बब्बर ने बताया कि सोमवार को होला मोहल्ला से लौटे एक मरीज का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को निगेटिव आई है। मंगलवार को दुबई से लौटे एक अन्य मरीज के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। उसे बुखार था, और उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
फिरोजपुर के दो कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट आई निगेटिव
कोरोना वायरस के दोनों संदिग्ध मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। इन दोनों मरीजों को लक्षणों की वजह से फिरोजपुर सिविल अस्पताल में दाखिल किया गया था, जहां से इन्हें बाद में फरीदकोट और लुधियाना के मेडिकल कॉलेजों में रेफर कर दिया गया। इन दोनों के सैंपल को जांच के लिए सरकार की तरफ से अधिकृत लैब में भेजा गया था, जहां से मंगलवार को दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। डीसी कुलवंत सिंह ने कहा कि यह फिरोजपुर के लिए अच्छी खबर है। अब इन दोनों मरीजों की सेहत में काफी सुधार है और जल्द ही इन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी जाएगी।
बरनाला जिले में अब तक विदेश से आए 312 लोगों की पहचान हुई थी, जिनकी सेहत विभाग की टीम ने सैंपल लिए तो इन लोगों के टेस्ट नेगेटिव आए हैं। इसके साथ जिले के आठ लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने पर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करके जब उनके सैंपल लिए तो उनकी भी रिपोर्ट नेगेटिव ही आई।
अब होला मोहल्ला से आए दो पुलिस कर्मी व एक बुजुर्ग की जांच की जा रही है। तीनों लोगों को सेहत विभाग की टीम ने आइसोलेशन वार्ड में रखा है, जिनके सैंपल लेकर पुणे लैब में भेज दिए गए हैं, जिनकी अभी रिपोर्ट आनी बाकी है। गौर हो कि जिला बरनाला का प्रशासन व सेहत विभाग लोगों को कोरोना वायरस संबंधी लगातार जागरूक करता आ रहा है, ताकि इस बीमारी को रोका जा सके।
रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी सीएमओ डॉ. गुरिदरबीर सिंह ने बताया कि होला मोहल्ले से आए दो पुलिस कर्मचारी व एक बुजुर्ग निवासी गांव धनेर के है, तीनों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। जिनके सैंपल लेकर पुणे लैब में भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
फतेहगढ़ साहिब। जिले के सेहत विभाग ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के करीब 25 उन मुलाजिमों को होम क्वारंटीन कर दिया है, जिन्होंने पांच से 13 मार्च तक श्री आनंदपुर साहिब के गुरुद्वारा श्री केसगढ़ साहिब में सेवा की थी। सेहत विभाग ने यह फैसला कोरोना वायरस से पीड़ित बलदेव सिंह निवासी नवांशहर की मौत के बाद लिया है जिसने 6 से 13 मार्च तक श्री आनंदपुर साहिब के लंगर में सेवा की थी। सेहत विभाग को डर है कि कहीं सेवा में जुटे एसजीपीसी के मुलाजिम इस वायरस के संक्रमित न हो।
गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के ग्रंथी हरजिंदर सिंह ने बताया कि एसजीपीसी ने अपने 25 कर्मचारी जो गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब से संबंधित हैं, उनको एसजीपीसी ने घर रहने तथा किसी रिश्तेदारी में न जाने और ड्यूटी न करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पांच मार्च को वे श्री आनंदपुर साहिब होला मोहल्ला के दौरान ड्यूटी पर गए थे जहां से हम 13 मार्च को वापस आए। उन्हें जिला प्रशासन और एसजीपीसी ने आदेश 23 मार्च को दिए हैं कि वह घर में एकांतवश रहे।
गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के मैनेजर नत्था सिंह ने बताया कि 23 मार्च की रात उन्हें सेहत विभाग का फोन आया और उन कर्मचारियों की लिस्ट मांगी थी जो श्री आनंदपुर साहिब में ड्यूटी करके लौटे थे। सेहत विभाग ने बाकायदा 14 दिन के लिए सभी कर्मचारियों को होम क्वारंटीन में रहने के आदेश दिए हैं और उनके घरों के बाहर पोस्टर भी लगाए गए हैं।
कोरोना वायरस के प्रति सतर्कता बरतते हुए प्रशासन ने 550 बेड वाले सिविल अस्पताल, जालंधर को आईसोलेट सेंटर में तब्दील कर दिया है। अस्पताल के बेड अब क्वारंटीन में तब्दील कर दिए गए हैं। अब जालंधर के सिविल अस्पताल में मात्र कोरोना वायरस से संबंधित व जच्चा-बच्चा की बीमारियों से संबंधित इलाज ही किया जाऐगा। बाकी किसी भी तरह का इलाज अब जालंधर के सिविल अस्पताल में नहीं किया जाऐगा।
आम जनता को बाकी बीमारियों का इलाज करवाने में दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए सिविल अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं को अब ईएसआई अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। कोरोना वायरस व जच्चा-बच्चा के इलाज के अलावा अब हर तरह का इलाज, जिसमें ओपीडी, आपरेशन, किसी तरह की चोट का इलाज व अन्य सभी तरह के इलाज ईएसआई अस्पताल में किए जाएंगे।
डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा का कहना है कि सिविल अस्पताल की इमारत को पूरी तरह से आईसोलेट कर दिया गया है। अब सिविल अस्पताल में कोरोना वायरस व जच्चा-बच्चा से संबधित केसों के अलावा कोई केस नहीं लिया जाऐगा।
सिविल अस्पताल में आम आदमी की इट्री पर पाबंदी लगी दी गई है। सिविल अस्पताल के मरीजों को ईएसआई शिफ्ट किया जा रहा है। जिस प्रकार के सामान की जरूरत है, उसे भी ईएसआई अस्पताल में पहुंचाया जा रहा है। अब सिविल अस्पताल में होने वाली ओपीडी भी
ईएसआई अस्पताल में ही की जाऐगी। प्रशासन ने यह कदम सिविल अस्पताल में आने वाले कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों से आम जनता को बचाने के लिए उठाया है। इस बारे में जरूरी आदेश सिविल सर्जन गुरिंदर कौर चावला को भेज दिए गए हैं।