प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों को 134 ए के तहत दाखिला लेने की प्रक्रिया भी इस वायरस के चलते प्रभावित हो रही है। इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब इसके तहत दाखिला लेने के लिए आवेदन करने की तारीख 20 मार्च से बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दी गई है।
एंटी एड्स दवाओं से कोरोना के उपचार की तैयारी
हरियाणा के डॉक्टरों ने सरकार से एंटी एड्स दवाओं को कोरोना मरीजों पर इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। एड्स के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली दो दवाओं का प्रयोग डॉक्टर कोरोना मरीजों पर करना चाहते हैं। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से अनुमति देने का आग्रह किया था। विज ने मामले को स्वास्थ्य विभाग की एथिकल कमटी को भेज दिया है।
कमेटी फैसला करेगी कि दवाओं का इस्तेमाल कोरोना के इलाज में किया जाए या नहीं। कमेटी अपनी रिपोर्ट अनिल विज को देगी। चर्चा है कि एड्स के उपचार में प्रयोग होने वाली दवाएं लोपिनवीर और रोटिनवीर कोरोना इलाज में कारगर हैं। हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग की एथिकल कमेटी अब इस पर काम करेगी कि क्या इनका इस्तेमाल वास्तव में प्रभावी है।
इन दोनों दवाओं के संयुक्त इस्तेमाल को रेडमसिवीर कहा जाता है। विज का कहना है कि दोनों दवाओं के इस्तेमाल को लेकर मामला उनके पास आया था। जिसे एथिकल कमेटी को भेज दिया है। ये फैसला कमेटी ही करेगी कि एंटी एचआईवी दवाओं का इस्तेमाल करना है या नहीं। मामले में हर पहलू को बारीकी से देखा जाएगा। कोरोना को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद हैं। हर तरह के इंतजाम किए गए हैं।
राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा है कि एंटी एचआईवी दवाओं का इस्तेमाल कोरोना मरीजों पर करने से हालत में काफी सुधार आया है। 4 में से 3 मरीजों को ठीक करने का दावा अमित कुमार की तरफ से किया गया है।
24 घंटे ड्यूटी को तैयार रहें एनएचएम कर्मी
एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने सुबह में अपने सभी स्टाफ को 24 घंटे ड्यूटी के लिए तैयार रहने की अपील की है। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रेहान रजा ने बताया कि पूरे हरियाणा में एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी इस परिस्थिति में 24 घंटे ड्यूटी के लिए तैयार हैं। इसके लिए कर्मचारी न तो किसी अतिरिक्त भत्ते की मांग करेंगे और न ही ओवरटाइम की। रेहान रजा ने अपील की संकट की इस घड़ी में जनता के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मचारी सरकार के इस बाबत सभी निर्देशों और हिदायत की पालना करें।
हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अपील की दृढ़ता से अनुपालना करें। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेशवासी सोशल डिस्टेंसिग बनाएं, इससे कम्युनिटी वायरल का खतरा कम होगा। उन्होनें आमजन से यह भी अपील की है कि वे जरूरत से ज्यादा खाने-पीने की वस्तुओं की खरीददारी न करें।
उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए बचाव ही हथियार है और जो भी सलाह प्रधानमंत्री द्वारा दी गई है उन सभी पहलुओं को सामान्य दिनचर्या में लागू करें। आर्य ने कहा कि सभी लोग प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील के अनुसार 22 मार्च रविवार को स्वयं पर कर्फ्यू लागू करें। सभी प्रदेशवासी 22 मार्च को सुबह 7 से रात 9 बजे तक अपने घरों में रहकर दृढ़ संकल्प और संयम का परिचय दें, जिससे जनता कर्फ्यू कामयाब होगा।
कोरोना के चलते कांग्रेस के सभी कार्यक्रम 31 मार्च तक स्थगित
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष एवं सांसद कुमारी सैलजा ने कोरोना महामारी के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए पार्टी के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रोहित जैन ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने 31 मार्च, 2020 तक किसी प्रकार की जनसभा, रैली, बैठक अथवा अन्य कार्यक्रम न करने के निर्देश जारी किए हैं।
पहले से निर्धारित कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं। आगामी कार्यक्रमों की घोषणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा 31 मार्च के बाद करेंगी। सैलजा ने लोगों से अपील की है कि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और कोरोना वायरस से बचने के लिए उचित व्यवस्था करें। भीड़ वाली जगहों पर जाने से गुरेज करें। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने लोगों से यह भी अपील की है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली वस्तुओं की जरूरत से ज्यादा खरीद न करें व धैर्य बनाये रखें। इस महामारी से डरने की बजाए सावधानी बरतें।
हरियाणा राज्य में स्थित विश्वविद्यालयों ने अपने स्टाफ को तो छुट्टी पर भेज दिया लेकिन एफिलिएटिड (सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज) महाविद्यालयों में कार्यरत स्टाफ के लिए कोई अवकाश घोषित नहीं किया। इसी बात से खफा कॉलेज टीचर्स ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत प्रभाव से कॉलेज प्राध्यापकों को भी वायरस के संक्रमण की आशंका के मद्देनजर घर से काम करने के आदेश जारी करने की मांग की है।
कॉलेज टीचर एसोसिएशन हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. राजबीर सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. हरविंदर कौर, महासचिव डॉ. मदन राठी व वित्त सचिव डॉ. जयपाल ने बताया कि ये स्थिति अत्यंत हास्यास्पद और भेदभावपूर्ण है। क्या महानिदेशक, वीसी और उसकी सलाहकार समिति इतनी लापरवाह हैं कि निर्णय लेते समय संबंधित कॉलेजों का ध्यान ही नहीं आया। या फिर यूनिवर्सिटीज का स्टाफ ज्यादा खतरे में है और कॉलेजों के कर्मचारी ज्यादा मजबूत हैं।
पत्र में उन्होंने बताया कि हरियाणा में 97 ऐडेड कॉलेज ऐसे हैं। जहां 200 से 300 कॉलेज टीचर का स्टाफ बिना छात्र के ही महाविद्यालयों में एकत्रित हो रहा है। जिस वजह से उनमें भी इस संक्रमण की आशंका सता रही है। इसलिए सीएम से मांग की गई है कि एडेड कॉलेजों के स्टाफ को भी 31 मार्च तक अवकाश पर भेज दिया जाए।