पंजाब में बीते कुछ महीनों में 94 हजार एनआरआई विभिन्न देशों से लौटे हैं लेकिन इनमें से कितने चंडीगढ़ पहुंचे हैं, प्रशासन के पास इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी इस संबंध में चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा है कि शहर में कोरोना का आठवां मरीज भी ऐसा ही केस है। वह दुबई से आया लेकिन चंडीगढ़ को मंत्रालय से जो लिस्ट मिली थी उसमें उसका नाम ही नहीं था।
अधिकारियों को डर है कि शहर में विदेश से लौटे कई लोग हो सकते हैं, जिनकी जानकारी उनके पास नहीं है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहरवासियों से अपील की है कि अगर उनके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है तो प्रशासन को इसकी जानकारी जरूर दें। बीते समय में 94 हजार एनआरआई पंजाब में आए हैं। इनमें से सिर्फ 33 हजार की ट्रेस हुए हैं जिन्हें आइसोलेशन में रखा है।
जरूरत के अनुसार कई लोगों के सैंपल लिए गए हैं लेकिन 61 हजार एनआरआई में से कितने चंडीगढ़ आए हैं, यह किसी को पता नहीं है। बदनौर ने बताया कि चंडीगढ़ के पास जो लिस्ट आई उसमें से पहले 1600 और फिर दोबारा पता चला कि 2200 लोग विदेश से आए हैं। गौरतलब है कि पंजाब में कोरोना की शुरुआत विदेश से आए लोगों की वजह से ही हुई है।
पीजीआई में 328 सैंपल की जांच, 35 पॉजिटिव
पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगत राम के अनुसार पीजीआई ने अभी तक 328 सैंपल की जांच की है। इसमें 35 सैंपल कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से पंजाब के सबसे ज्यादा 26 केस पंजाब, एक हरियाणा और आठ केस चंडीगढ़ के हैं। पीजीआई के पास 2200 मरीजों को रखने की क्षमता है, वर्तमान में 800 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं।
रोजाना मरीजों को छुट्टी भी दी जा रही है और नए भी आ रहे हैं। पीजीआई के नेहरू एक्सटेंशन में 200 बेड और वेंटिलेटर तैयार किए गए हैं। इसके अलावा इंफोसिस सराय भी है, जहां 300 बेड की सुविधा है। इसलिए शहरवासियों को डरने की नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।