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जनता कर्फ्यू: 22 मार्च को सीटीयू बसें बंद, चंडीगढ़ में होम क्वारंटाइन अनिवार्य, उल्लंघन पर कार्रवाई

Sat, 21 Mar 2020 11:39 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीटीयू बस - फोटो : फाइल फोटो
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सीनियर सिटीजन और बच्चों से घरों में रहने की अपील की गई है। खाद्य सामग्री, मंडी संचालन और ट्रांसपोर्ट जैसे मामलों पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिकारी रेगुलर मीटिंग कर कदम उठा रहे हैं। सीआरपीसी-144 के तहत होम क्वारंटाइन अनिवार्य करने के साथ ही इसे देखने के लिए एडिशनल कमिश्नर एमसी अनिल गर्ग को नोडल अफसर बनाया गया है, जो कोरोना पॉजिटिव से मिलने वाले लोगों का कांटैक्ट ट्रेसिंग और होम क्वारंटाइन को देखेंगे। 

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क्वारंटाइन लोगों के दाएं हाथ की कलाई पर क्वारंटाइन तिथि के साथ स्टैंप लगाई जाएगी, जिससे 14 दिनों तक उनके घर में रहने का पता चल जाए। प्रशासन की वेबसाइट पर सभी क्वारंटाइन लोगों की सूची डिस्प्ले की गई है। कुछ लोग होम क्वारंटाइन एडवाइज के बाद भी इसे न मानकर इधर-उधर घूमकर लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। इसको देखते हुए यह आदेश नहीं मानने वालों पर अब इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 188 के तहत कार्रवाई होगी। 

जनता कर्फ्यू: 22 मार्च को नहीं चलेंगी सीटीयू की बसें 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘जनता कर्फ्यू’ की अपील के बाद चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) ने 22 मार्च को बसों का परिचालन बंद रखने का फैसला लिया है। प्रशासन की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस के फैलाव और ‘जनता कर्फ्यू’ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

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यह पहला मौका है जब सीटीयू की बसों का परिचालन बंद किया जा रहा है। आज तक सीटीयू के इतिहास में कभी भी प्रशासन की तरफ से आदेश जारी कर लंबी दूरी और लोकल रूट की बसों को पूरे दिन के लिए बंद नहीं किया गया है। इसके अलावा शहर के विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक संगठन लोगों से जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील कर रहे हैं। शुक्रवार को पूरे दिन सोशल मीडिया पर कोरोना से खुद और अपने परिवारों को बचाने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की जाती रही।

प्रशासन ने आधे कर्मचारियों को दिया ‘वर्क फ्रॉम होम’
कोरोना के खतरे को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने आधे कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा दे दी है जबकि विभिन्न विभागों में कार्यरत ग्रुप-बी, सी व डी के 50 प्रतिशत कर्मचारी दफ्तर आएंगे। इसके अलावा शिफ्ट के समय में भी बदलाव किया गया है। प्रशासन ने सभी विभागों के हेड को आदेश जारी कर दिया है।

सभी विभाग के हेड को कर्मचारियों का वीकली रोस्टर तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि जो कर्मचारी दफ्तर बुलाए जा रहे हैं, उनके समय भी तीन शिफ्टों में रहेंगे। पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से 5 बजे, दूसरी शिफ्ट 9.30 बजे से 5.30 बजे व तीसरी शिफ्ट 10 बजे से 6 बजे तक रहेगी। जो कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं, उन्हें टेलीफोन व अन्य इलेकट्रॉनिक माध्यमों पर उपलब्ध रहना होगा। अगर किसी इमरजेंसी काम के लिए ऑफिस बुलाया जाता है तो उन्हें तत्काल आना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 4 अप्रैल 2020 तक लागू रहेंगे।

दिहाड़ीदार मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्था करेगा प्रशासन

शहर में लगभग सभी जगह लंगर और भंडारे बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा दिहाड़ीदार मजदूरों को काम भी नहीं मिल रहा है। ऐसे समय में इनकी मदद करने के लिए प्रशासन आगे आया है और उन्हें खाना मुहैया कराने का फैसला लिया है। आदेश के अनुसार दिहाड़ीदार मजदूरों को रेडक्रॉस अन्नपूर्णा वैन के जरिए अनुदान पर खाना उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा शहरवासियों से अपील की गई है कि, जो लोग अपने स्तर पर लंगर उपलब्ध कराना चाहते हैं वह डीसी से मिलकर सहायता कर सकते हैं।

दुकानदारों का फैसला- शास्त्री मार्केट समेत सभी प्रमुख बाजार बंद 
कोरोना वायरस से बचाव और जनता कर्फ्यू को देखते हुए शहर की कई बड़ी मार्केट के दुकानदारों ने अपनी दुकानें दो से तीन दिन तक बंद रखने का एलान किया है। सेक्टर-22 शास्त्री मार्केट और सेक्टर-20 की कपड़ा मार्केट दो दिन जबकि सेक्टर-19 की सदर मार्केट के अलावा सेक्टर-41 और सेक्टर-15 की मार्केट तीन दिन बंद रहेगी। इनके अलावा सेक्टर-45 बुड़ैल की केशो राम कांप्लेक्स मार्केट 22 को बंद रहेगी।

उधर, प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि किसी भी मार्केट को जबरन बंद नहीं कराया गया है। खासकर दवा, राशन की दुकानों और मंडी को बिल्कुल बंद नहीं किया गया है। यह सभी लगातार खुली रहेंगी। रही बात जरूरी खाद्य पदार्थों की तो उसकी कमी नहीं आने दी जाएगी। अब दुकानदारों का कहना है कि वैसे भी लोग नहीं आ रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से हमें भी घरों में रहना चाहिए। ताकि प्रशासन को हमारी तरफ से पूरा सहयोग मिल सके। इसलिए दुकानें बंद रखने का फैसला लिया गया है। 

सेक्टर 22 शास्त्री मार्केट के प्रधान जसविंदर सिंह नागपाल ने बताया कि मार्केट के दुकानदारों से चर्चा की गई है। दुकानदारों ने फैसला लिया कि दो दिन 21 और 22 मार्च को दुकानें बंद रखेंगे। इससे प्रशासन को भी सहयोग मिलेगा। वहीं, सेक्टर-41 मार्केट के प्रधान सुनील जैन ने बताया कि पूरे देश में कोरोना वायरस को लेकर हड़कंप मचा है। मार्च माह इसके लिए काफी गंभीर बताया गया है। दुकानदारों ने निर्णय लिया गया है कि हम तीन दिन 21 से 23 तक दुकानें बंद रखेंगे।

वहीं, सेक्टर 15 स्थित पटेल मार्केट के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह बाहर न निकलें। ऐसे में दुकानदार भी कई लोगों के संपर्क में आते हैं। इसलिए तीन दिन 21 से 23 दुकानें बंद रखेंगे। सेक्टर 20 के प्रधान नरेश गर्ग ने बताया कि कंप्यूटर मार्केट और कपड़ा मार्केट को दो दिन के लिए बंद किया गया है। अचानक से कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या बढ़ने से शहर में एतिहात बरतने की जरूरत है।

सेक्टर 19 सदर मार्केट भी दो दिन बंद
सेक्टर 19 सदर मार्केट के प्रधान नरेंद्र सिंह रिंकू ने बताया कि पूरे शहर के मार्केटों में प्रशासन के सहयोग के लिए निर्णय लिया गया। चूंकि यहां सबसे ज्यादा दुकानें हैं, और जगह भी काफी संकरी है। इसलिए दुकानें दो दिन बंद रखेंगे।

सेक्टर 17 स्थित प्लाजा भी दो दिन के लिए बंद
प्रोग्रेसिव ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने बताया कि दो दिन (21 और 22) के लिए सेक्टर-17 सी और डी को बंद रखा है। दुकानदार अपने स्वास्थ्य के साथ लोगों के स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखें, इसलिए यह निर्णय लिया है। इसके अलावा सेक्टर 22 की बिजवाड़ा मार्केट के दुकानदारों ने भी एक दिन बंद रखने का फैसला लिया है।
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स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षक करेंगे वर्क फ्रॉम होम

शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को स्कूलों और कॉलेजों को वर्क फ्रॉम होम करने के लिए सर्कुलर जारी किया है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल हैड को एक शिक्षक के साथ स्कूल में उपस्थित रहना होगा। इसके साथ ही नॉन टीचिंग स्टाफ में स्कूल/कॉलेज का 50 प्रतिशत स्टाफ रोटेशन बेसिस पर काम करेगा।

शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को जारी सर्कुलर में कहा है कि 31 मार्च तक स्कूल और कॉलेज का टीचिंग स्टाफ वर्क फ्रॉम होम करेगा। वहीं स्कूलों केहैड और एक शिक्षक को स्कूल में उपस्थित रहना होगा। इसके साथ ही नॉन टीचिंग स्टाफ में 50 प्रतिशत स्टाफ रोटेशन बेसिस पर काम करेगा।

नॉन टीचिंग स्टाफ में कर्मचारियों की ड्यूटी और हर रोज एक शिक्षक की ड्यूटी स्कूल हैड निर्धारित करेगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी कर्मचारी इस अवधि में शहर से बाहर नहीं जाएगा। इमरजेंसी में किसी भी कर्मचारी को स्कूल/कॉलेज बुलाया जा सकता है। इसके साथ ही स्टाफ सदस्य मोबाइल और ई-मेल पर एक्टिव रहेंगे।
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