श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में साइकिल पर वर्ल्ड टूर पर निकले एक शख्स का सपना कोरोनावायरस ने तोड़ दिया है। हम बात कर रहे हैं, मोहाली निवासी करमवीर सिंह की, जिन्हें फिलहाल चार देशों की यात्रा पूरी करने के बाद बैंकाक से वापस इंडिया भेज दिया गया है। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी है। उनका कहना है कि वह अगले 10 दिन तक कोरोना वायरस की स्थिति पर नजर रखेंगे। इसके बाद दोबारा अपनी यात्रा शुरू कर देंगे।
करमवीर सिंह ने कहा कि उनका बस एक ही पैशन है। वह श्री गुरु नानक देव जी के 551वें प्रकाश पर्व पर अपना वर्ल्ड टूर पूरा कर सकें। इस टूर में उनका कोई आर्थिक मददगार नहीं है। वह सारा खर्च खुद ही उठा रहे हैं। अभी तक उन्होंने 34 दिन का टूर किया है, लेकिन इस यात्रा से उन्हें काफी कुछ नया सीखने को मिला, जो जिंदगी भर उनके काम आएगा। इस टूर से उन्हें यह भी अहसास हुआ है कि सीमाएं केवल दो देशों के बीच हो सकती हैं, लोगों के बीच नहीं।
कंपनी से 300 दिन की छुट्टी ली
मिली जानकारी के मुताबिक, करमवीर सिंह मोहाली के फेज-3बी1 के रहने वाले हैं। इस टूर के लिए उन्होंने कंपनी से 300 दिन की छुट्टी ली थी। उन्होंने अपना सफर 2 फरवरी को मोहाली से साइकिल पर शुरू किया था। वह इंडिया से सीधे नेपाल पहुंचे। इसके बाद म्यांमार होते हुए उन्होंने थाइलैंड में प्रवेश किया। सब कुछ ठीक चल रहा था।
नियमों के मुताबिक, ऐसी यात्रा करते हुए उन्हें जिस देश में प्रवेश करना होता है, वहां जाकर भारतीय दूतावास के अधिकारियों से मिलना होता है। लेकिन जब वह बैंकाक स्थित भारतीय दूतावास पहुंचे तो अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। करमवीर ने उन्हें बताया कि वह वर्ल्ड टूर पर निकले हैं। अब उन्हें मलेशिया होते हुए सिंगापुर जाना है।
उन्होंने अधिकारियों को अपने टूर के रूट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लेकिन अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कोरोनावायरस के चलते हालात बहुत नाजुक हैं। जिन देशो में उनका टूर है, वहां पर कोरोनावायरस का ज्यादा खतरा है। ऐेसे में हम आपको किसी भी तरह की सिक्योरिटी मुहैया नहीं करवा सकते।
वहीं, आपको वापस अपने देश वापस जाना होगा। यह सुनकर उन्हें दुख तो बहुत हुआ, लेकिन जो आदेश अधिकारियों ने दिए थे, उसका उन्होंने पूरा पालन किया। इसके बाद वह फ्लाइट से वापस इंडिया चले आए।