सबसे प्राचीन हनुमान मंदिर पर मंगलवार को प्रबंधन ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए ताला लगाकर नोटिस चिपका दिया। लेकिन श्रद्धा ने कोरोना को भी मात दी है। श्रद्धालुओं ने मंदिर के मुख्य गेट पर ही खड़े होकर पूजा-अर्चना की। गेट पर लगाए गए नोटिस का भी असर नहीं दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर कमेटी ने भी दान पात्र व प्रसाद चढ़ाने के लिए पात्रों को भी मंदिर के मुख्य द्वार के सामने रखवा दिया।
भंडारे की स्टाल पर भी भारी भीड़ रही। मंगलवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटी ने मुख्य गेट को बंद कर ताला लगा दिया, इसके बाद किसी भी श्रद्धालु को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। लेकिन बालाजी में भारी आस्था के चलते श्रद्धालुओं ने मंदिर के मुख्य गेट के सामने ही दीप जलाकर एवं प्रसाद चढ़ाकर परिवार के मंगल की मनोकामना की।
स्वास्थ्य विभाग की हिदायत पर लगाया नोटिस
सोमवार को ही एडीसी ने धार्मिक व सामाजिक संगठनों की बैठक बुलाकर 200 से से ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं होने देने के लिए दिए थे निर्देश दिए थे। निर्देशों का पालन करते हुए कमेटी द्वारा भी मंदिर के मुख्य द्वार के साथ-साथ बाहरी दिवारों पर नोटिस चस्पा किए गए थे।